भिवंडी में पुलिस टीम से बदसलूकी और सरकारी काम में बाधा डालने का आरोप, दंपती पर केस दर्ज

भिवंडी

अब्दुल गनी खान
भिवंडी: भिवंडी तालुका पुलिस थाने में दर्ज एक मामले की जांच के सिलसिले में नोटिस देने पहुंचे पुलिस अधिकारी से कथित तौर पर बदसलूकी, धमकी और सरकारी काम में बाधा डालने का मामला सामने आया है। नारपोली पुलिस थाने में राज भगवान पाटील और उनकी पत्नी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की विभिन्न धाराओं समेत पुलिस के प्रति अप्रिति की भावना भड़काने से संबंधित कानून के तहत मामला दर्ज किया गया है।

पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, यह घटना 26 अगस्त 2026 की रात करीब 10:30 बजे अंजुरफाटा स्थित आत्मावल्लभ सोसायटी, सर्वे नंबर 15, खारबाव रोड में हुई। मामले की शिकायत संतोष नाना वाकचौरे, पुलिस उपनिरीक्षक, भिवंडी तालुका पुलिस थाने की ओर से दर्ज कराई गई है।

जांच के लिए नोटिस देने पहुंचे थे पुलिसकर्मी

शिकायत के मुताबिक भिवंडी तालुका पुलिस थाने में दर्ज अपराध क्रमांक 633/2026 की जांच चल रही है। इसी जांच के सिलसिले में आरोपी राज भगवान पाटील को बीएनएसएस की धारा 35(3) के तहत नोटिस देने के लिए पुलिस टीम उनके घर पहुंची थी।

पुलिस का आरोप है कि राज पाटील ने नोटिस लेने से इनकार कर दिया और जांच में उपस्थित नहीं होने की बात कही। शिकायत के अनुसार उन्होंने पुलिस अधिकारियों से कथित तौर पर कहा कि उन्हें जो करना है, कर लें।

वरिष्ठ अधिकारियों को नौकरी से हटवाने की धमकी देने का आरोप

शिकायत में आरोप लगाया गया है कि आरोपी ने अपनी पत्नी के दो महीने की गर्भावस्था का हवाला देते हुए कहा कि यदि उसका गर्भपात हुआ तो इसके लिए पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों को जिम्मेदार ठहराया जाएगा।

पुलिस के मुताबिक आरोपी ने शिकायत करने पर उपोषण पर बैठने और पुलिस अधिकारी तथा उनके वरिष्ठ अधिकारियों की नौकरी छुड़वा देने की धमकी भी दी। इस दौरान कथित रूप से अभद्र भाषा का इस्तेमाल किया गया और पुलिस के सरकारी काम में बाधा पहुंचाई गई।

वीडियो बनाने और प्रसारित करने का भी आरोप

पुलिस शिकायत में राज पाटील और उनकी पत्नी दोनों पर पुलिसकर्मियों के साथ कथित तौर पर हमला करने और उनके सरकारी काम में रुकावट डालने का आरोप लगाया गया है। साथ ही घटना का वीडियो बनाकर उसे प्रसारित करने की बात भी शिकायत में दर्ज है।

मामला नारपोली पुलिस थाने में दर्ज किया गया है। पुलिस ने BNS की धारा 132, 351(2), 3(5) समेत संबंधित प्रावधानों के तहत कार्रवाई शुरू की है। रिकॉर्ड के अनुसार घटना के समय आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं हुई थी।

            मामले की जांच जारी

पुलिस रिकॉर्ड के मुताबिक शिकायत 27 अगस्त 2026 को रात करीब 1:12 बजे प्राप्त हुई और इसके बाद मामला दर्ज किया गया। आगे की जांच पुलिस उपनिरीक्षक पंडीत वाघ कर रहे हैं। पुलिस अब घटना से जुड़े वीडियो, मौके की परिस्थितियों और अन्य उपलब्ध साक्ष्यों की जांच कर रही है।

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