भोईवाड़ा पुलिस की कार्रवाई; बिल्डिंग मालिक के खिलाफ भी केस दर्ज, मरम्मत ठेकेदार की हादसे में हो चुकी है मौत
भिवंडी के गंगारामवाड़ी स्थित कोहिनूर बिल्डिंग हादसे के मामले में भोईवाड़ा पुलिस ने कार्रवाई करते हुए बिल्डिंग के केयरटेकर अमृतलाल निषाद (49) को गिरफ्तार किया है। रविवार को उसे अवकाशकालीन अदालत में पेश किया गया, जहां से अदालत ने उसे 5 अगस्त तक पुलिस हिरासत में भेज दिया।
जानकारी के अनुसार, कोहिनूर बिल्डिंग हादसे के बाद शुक्रवार देर रात भोईवाड़ा पुलिस ने अमृतलाल निषाद को गिरफ्तार किया। बताया जा रहा है कि अमृतलाल निषाद स्वयं भी उसी इमारत में रहता था, जो हादसे की चपेट में आई थी। वह बिल्डिंग मालिक बिलाल अहमद अबू बकर खान की ओर से फ्लैटों का किराया वसूलने का काम करता था।
पुलिस जांच में यह बात भी सामने आई है कि अमृतलाल निषाद कथित तौर पर फ्लैट मालिकों से बिल्डिंग की मरम्मत के लिए पैसे एकत्र करता था। इसके अलावा वह मजदूरों के जरिए इमारत में मरम्मत का काम भी करवाता था। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि इमारत में किस तरह का मरम्मत कार्य कराया गया था और उसमें निर्माण व सुरक्षा मानकों का पालन किया गया था या नहीं।
हादसे के बाद मनपा प्रशासन की ओर से बिल्डिंग मालिक बिलाल अहमद अबू बकर खान और मरम्मत का काम कर रहे ठेकेदार अशोक पासवान के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। हालांकि, पुलिस के अनुसार, ठेकेदार अशोक पासवान की हादसे में ही मौत हो चुकी है।
वहीं, बिल्डिंग मालिक बिलाल अहमद अबू बकर खान के विदेश में होने की जानकारी सामने आई है। इसके चलते वह अभी तक पुलिस की गिरफ्त में नहीं आया है। पुलिस उसकी तलाश और मामले की आगे की जांच में जुटी है।
भोईवाड़ा पुलिस स्टेशन के वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक विक्रम मोहिते ने बताया कि मामले की जांच जारी है। पुलिस यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि इमारत में हुए मरम्मत कार्य में किसकी क्या भूमिका थी और हादसे के लिए कौन जिम्मेदार है।
पुलिस अब केयरटेकर अमृतलाल निषाद से पूछताछ कर यह जानकारी जुटाएगी कि इमारत की मरम्मत के लिए किससे और कितनी राशि ली गई, मरम्मत का काम किसकी निगरानी में हुआ और इसमें किन लोगों की भूमिका रही।
कोहिनूर बिल्डिंग हादसे में हुई जनहानि के बाद पुलिस और मनपा प्रशासन की कार्रवाई तेज हो गई है। अब जांच के दौरान यह भी सामने आने की उम्मीद है कि इमारत की देखरेख, मरम्मत और सुरक्षा व्यवस्था में कहीं लापरवाही तो नहीं बरती गई थी।

