कोहिनूर हादसे के बाद भी नहीं थम रहा अवैध निर्माण का खेलप्रभाग समिति-4 में स्कूल के सामने सड़क पर मलबा, एक हजार छात्रों की सुरक्षा पर मंडराया खतरा

भिवंडी

अब्दुल गनी खान

भिवंडी में कोहिनूर अपार्टमेंट हादसे के बाद भी अवैध निर्माणों पर लगाम नहीं लगने के आरोप लगातार सामने आ रहे हैं। ताजा मामला मनपा प्रभाग समिति क्रमांक-4 के अंतर्गत गौरीपाड़ा क्षेत्र का है, जहां साहिल होटल और अल-फलांकन स्कूल के सामने कथित रूप से चल रहे अवैध निर्माण ने स्थानीय नागरिकों की चिंता बढ़ा दी है।

स्थानीय लोगों का आरोप है कि निर्माण कार्य के दौरान सड़क पर बड़े पैमाने पर मलबा और बिल्डिंग मटेरियल डालकर रास्ता बाधित किया जा रहा है। इससे स्कूल आने-जाने वाले करीब एक हजार से अधिक विद्यार्थियों की सुरक्षा खतरे में पड़ गई है। अभिभावकों का कहना है कि छोटे बच्चों को रोजाना निर्माण सामग्री और व्यस्त सड़क के बीच से होकर गुजरना पड़ रहा है, जिससे कभी भी दुर्घटना हो सकती है।

शिकायतकर्ता के अनुसार, सीटीएस नंबर 6946 से 6950 स्थित घर क्रमांक 399 के भूखंड पर बिना आवश्यक अनुमति के निर्माण कार्य किया जा रहा है। स्थानीय नागरिकों ने बताया कि इसी सर्वे नंबर पर पहले से बनी दो अन्य कथित अवैध इमारतों को लेकर उच्च न्यायालय ने भी मनपा प्रशासन को कार्रवाई के निर्देश दिए थे।

शिकायत के बाद भी कार्रवाई नहीं होने का आरोप

जागरूक नागरिकों ने इस मामले में 9 जुलाई 2026 को प्रभाग समिति क्रमांक-4 कार्यालय में लिखित शिकायत दर्ज कराई थी। आरोप है कि शिकायत के बावजूद संबंधित अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर कोई ठोस कार्रवाई नहीं की।

स्थानीय लोगों के मुताबिक, 12 जुलाई और 24 जुलाई को निर्माणकर्ता द्वारा सड़क पर निर्माण सामग्री और मलबा रखकर मार्ग पूरी तरह बाधित कर दिया गया। इसके कारण विद्यार्थियों, अभिभावकों, राहगीरों और वाहन चालकों को परेशानी का सामना करना पड़ा।

       पुलिस में भी दी गई शिकायत

नागरिकों का कहना है कि मामले की जानकारी मनपा अधिकारियों को व्हाट्सएप के माध्यम से भी दी गई, लेकिन स्थिति जस की तस बनी रही। 24 जुलाई को सड़क अवरुद्ध करने के मामले में भोईवाड़ा पुलिस स्टेशन में बिल्डर के खिलाफ शिकायत भी दर्ज कराई गई है।

कोहिनूर हादसे के बाद सवालों के घेरे में प्रशासन

स्थानीय नागरिकों ने प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए कहा कि कोहिनूर इमारत हादसे के बाद मनपा ने अवैध निर्माणों पर सख्त कार्रवाई का दावा किया था, लेकिन प्रभाग समिति-4 में हालात कुछ और ही कहानी बयां कर रहे हैं।

लोगों ने चेतावनी दी है कि यदि समय रहते ऐसे निर्माणों पर रोक नहीं लगाई गई तो भविष्य में किसी बड़े हादसे की जिम्मेदारी कौन लेगा। फिलहाल इस मामले में मनपा प्रशासन की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। अब देखना होगा कि छात्रों की सुरक्षा को देखते हुए प्रशासन कब तक इस अवैध निर्माण पर कार्रवाई करता है।

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