राहनाल हादसे के बाद सरपंच का आरोप- समय पर मरम्मत होती तो बच सकती थी महिला की जान, आंदोलन की चेतावनी
अब्दुल गनी खान
भिवंडी: भिवंडी-ठाणे मार्ग पर राहनाल में गड्ढे की वजह से हुए दर्दनाक सड़क हादसे के बाद लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठने लगे हैं। स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने सड़क की बदहाली के लिए विभाग को सीधे तौर पर जिम्मेदार ठहराते हुए चेतावनी दी है कि यदि जल्द गड्ढों की मरम्मत नहीं की गई तो क्षेत्र की ग्राम पंचायतें आंदोलन का रास्ता अपनाएंगी।

रविवार को राहनाल में सड़क पर बने गड्ढे के कारण हुए भीषण हादसे में एक महिला की कंटेनर की चपेट में आने से दर्दनाक मौत हो गई थी, जबकि उसका पति घायल हो गया। इस घटना के बाद स्थानीय लोगों में भारी आक्रोश है।

राहनाल ग्राम पंचायत के सरपंच प्रताप पाटिल ने आरोप लगाया कि अंजूरफाटा से कशेली तक का मार्ग लंबे समय से बड़े-बड़े गड्ढों से भरा हुआ है। ग्राम पंचायत ने कई बार लोक निर्माण विभाग को पत्र लिखकर सड़क की तत्काल मरम्मत और गड्ढे भरने की मांग की, लेकिन विभाग ने इस ओर कोई गंभीर ध्यान नहीं दिया।
सरपंच का कहना है कि यदि विभाग ने समय रहते कार्रवाई की होती तो यह दुखद हादसा टाला जा सकता था और एक महिला की जान बच सकती थी। उन्होंने कहा कि सड़क की बदहाली के कारण आए दिन दोपहिया वाहन चालक दुर्घटनाओं का शिकार हो रहे हैं, लेकिन जिम्मेदार विभाग अब भी उदासीन बना हुआ है।
प्रताप पाटिल ने चेतावनी दी कि यदि लोक निर्माण विभाग ने तत्काल गड्ढों की मरम्मत शुरू नहीं की, तो राहनाल सहित आसपास की सभी ग्राम पंचायतों के नागरिक सड़क पर उतरकर आंदोलन करने को मजबूर होंगे। उन्होंने कहा कि अब लोगों की सुरक्षा से समझौता किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
स्थानीय नागरिकों ने भी प्रशासन से मांग की है कि मानसून के दौरान दुर्घटनाओं को रोकने के लिए अंजूरफाटा-कशेली मार्ग की तत्काल मरम्मत कर सड़क को सुरक्षित बनाया जाए।

