सरकारी जमीन पर अवैध निर्माण का आरोप, भिवंडी में मनपा कार्यालय के बाहर प्रदर्शन

भिवंडी

गौरीपाड़ा के सर्वे नंबर 70 का मामला; आंदोलनकारियों ने प्रभाग अधिकारी को सौंपा ज्ञापन, कार्रवाई नहीं होने पर बड़े आंदोलन की चेतावनी

अब्दुल गनी खान
भिवंडी के गौरीपाड़ा इलाके में सर्वे नंबर 70 की सरकारी जमीन पर कथित रूप से चल रहे अवैध निर्माण को लेकर सोमवार को मनपा की प्रभाग समिति क्रमांक-4 के कार्यालय के बाहर जोरदार प्रदर्शन किया गया। प्रदर्शनकारियों ने महानगरपालिका प्रशासन से कथित अनधिकृत निर्माण को तत्काल हटाने और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की।

भिवंडी मनपा प्रभाग समिति चार के सहायक आयुक्त को सौंपे गए ज्ञापन में आंदोलनकारियों ने आरोप लगाया कि गौरीपाड़ा सर्वे नंबर 70 की जमीन पर लंबे समय से अनधिकृत निर्माण चल रहा है। उनका कहना है कि इस संबंध में मनपा प्रशासन को कई बार मौखिक और लिखित रूप से जानकारी दी गई। साथ ही जमीन के सरकारी होने से संबंधित दस्तावेज भी सौंपे गए, लेकिन इसके बावजूद अब तक निर्माण के खिलाफ ठोस कार्रवाई नहीं की गई।
मामले में जमीन के सर्वे नंबर को लेकर भी विवाद सामने आया है। आंदोलनकारियों का आरोप है कि मनपा की ओर से पहले उक्त जमीन को सर्वे नंबर 70 के बजाय सर्वे नंबर 41 बताया गया था। आंदोलन की चेतावनी के बाद प्रशासन ने अब भूमि अभिलेख विभाग से जमीन की सीमा की दोबारा पुष्टि कराने की बात कही है।

आंदोलनकारियों ने सवाल उठाया कि यदि सर्वे नंबर की पुष्टि के लिए अब भूमि अभिलेख विभाग की मदद जरूरी है, तो पहले सर्वे नंबर 41 होने की रिपोर्ट किस आधार पर तैयार की गई थी? उन्होंने संबंधित रिपोर्ट तैयार करने वाले कर्मचारियों की भूमिका की जांच की भी मांग की है।
ज्ञापन में आंदोलनकारियों ने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि जमीन की सही सीमा की जानकारी नहीं होने के बावजूद कथित तौर पर 35 हजार रुपये लेकर सर्वे नंबर 41 की रिपोर्ट तैयार की गई। हालांकि, इस आरोप की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है। आंदोलनकारियों ने इस पूरे मामले की जांच कर दोषी पाए जाने वाले अधिकारियों और कर्मचारियों पर कार्रवाई की मांग की है।
प्रदर्शनकारियों ने प्रशासन पर आरोप लगाया कि सरकारी जमीन को जनता के उपयोग में लाने के बजाय कथित रूप से भू-माफिया के कब्जे में जाने दिया जा रहा है। उन्होंने 29 अगस्त 2026 को मनपा की ओर से भेजे गए पत्र में उल्लेखित मनाई आदेश पर भी सवाल उठाए।

आंदोलनकारियों का दावा है कि संबंधित मनाई आदेश महानगरपालिका की कार्रवाई पर लागू नहीं होता। ऐसे में इस आदेश को आधार बनाकर कथित अवैध निर्माण पर कार्रवाई टालना उचित नहीं है।

कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन होगा तेज

आंदोलनकारियों ने मनपा प्रशासन से सर्वे नंबर 70 की सरकारी जमीन पर चल रहे कथित अवैध निर्माण को तत्काल हटाने, मामले की निष्पक्ष जांच कराने और जिम्मेदार अधिकारियों व कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की।

ज्ञापन में चेतावनी दी गई कि यदि जल्द कार्रवाई नहीं की गई तो इससे भी अधिक तीव्र आंदोलन किया जाएगा। आंदोलनकारियों ने कहा कि आगे के आंदोलन से उत्पन्न होने वाली स्थिति के लिए प्रशासन जिम्मेदार होगा।

प्रदर्शन में भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी के ठाणे जिला कौन्सिल से जुड़े विजय कांबळे, आजाद समाज पार्टी के भिवंडी शहर जिलाध्यक्ष रहबर रशीद समेत बड़ी संख्या में महिला और पुरुष कार्यकर्ता मौजूद रहे।

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