लोक हिंद पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष बदीउज्जमान खान ने मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस को भेजा ज्ञापन, उपभोक्ताओं को दूसरी कंपनियों का विकल्प देने की भी मांग
आदिल नोमानी
भिवंडी में बिजली की दरों और वितरण व्यवस्था को लेकर लोक हिंद पार्टी ने राज्य सरकार के सामने कई मांगें रखी हैं। पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष बदीउज्जमान खान ने मुख्यमंत्री एवं ऊर्जा मंत्री देवेंद्र फडणवीस, ऊर्जा राज्य मंत्री मेघना साकोरे-बोर्डीकर और महाराष्ट्र विद्युत नियामक आयोग के अध्यक्ष को ई-मेल के माध्यम से ज्ञापन भेजकर 250 यूनिट तक सस्ती बिजली उपलब्ध कराने और बिजली वितरण में एकाधिकार खत्म करने की मांग की है। पार्टी ने भिवंडी के घरेलू, व्यावसायिक और औद्योगिक उपभोक्ताओं को राहत देने के लिए बिजली दरों और सेवाओं की विशेष समीक्षा करने की भी अपील की है।
100 यूनिट के बजाय 250 यूनिट तक सस्ती बिजली की मांग
बदीउज्जमान खान ने ज्ञापन में कहा कि बिजली कोई विलासिता नहीं, बल्कि आम नागरिकों की बुनियादी जरूरत है। मजदूरों, मध्यमवर्गीय परिवारों, छात्रों, दुकानदारों और छोटे कारोबारियों को सस्ती एवं भरोसेमंद बिजली मिलनी चाहिए।
उन्होंने मांग की कि महाराष्ट्र में शून्य से 100 यूनिट तक लागू सबसे कम दर वाली श्रेणी का दायरा बढ़ाकर 250 यूनिट तक किया जाए। उनका कहना है कि बिजली की खपत निर्धारित सीमा पार करते ही बिल में भारी बढ़ोतरी होने से मध्यमवर्गीय परिवारों पर आर्थिक बोझ पड़ता है। ऐसे में 250 यूनिट तक न्यूनतम दर पर बिजली उपलब्ध कराकर उपभोक्ताओं को राहत दी जानी चाहिए। पार्टी ने यह भी मांग की कि राहत का लाभ सीधे बिजली बिल में दिखाई देना चाहिए।
टोरेंट पावर की व्यवस्था में प्रतिस्पर्धा की मांग
लोक हिंद पार्टी ने भिवंडी में महाराष्ट्र राज्य विद्युत वितरण कंपनी की फ्रेंचाइजी के रूप में काम कर रही टोरेंट पावर की वितरण व्यवस्था का मुद्दा भी उठाया है। पार्टी का कहना है कि जहां कानून और नियामक आयोग के नियम अनुमति देते हैं, वहां उपभोक्ताओं को बिजली वितरण कंपनियों के बीच विकल्प मिलना चाहिए।

ज्ञापन में टाटा पावर, अदाणी इलेक्ट्रिसिटी, अदाणी पावर, रिलायंस पावर और अन्य योग्य कंपनियों को पारदर्शी प्रक्रिया के तहत प्रतिस्पर्धा का अवसर देने की मांग की गई है। पार्टी के मुताबिक, उसका उद्देश्य किसी विशेष कंपनी का समर्थन करना नहीं, बल्कि उपभोक्ताओं को उचित दरों पर बेहतर सेवाएं उपलब्ध कराना है।
पार्टी का दावा है कि स्वस्थ प्रतिस्पर्धा से बिजली की दरों में राहत, बिलिंग में पारदर्शिता, शिकायतों का त्वरित निपटारा, बेहतर बिजली आपूर्ति और आधुनिक डिजिटल सेवाओं को बढ़ावा मिल सकता है।
पावरलूम उद्योग पर बिजली दरों का असर
भिवंडी को प्रमुख पावरलूम और औद्योगिक केंद्र बताते हुए खान ने कहा कि यहां बिजली की लागत का सीधा असर यंत्रकरघा इकाइयों, लघु एवं मध्यम उद्योगों, गोदामों, दुकानदारों और रोजगार पर पड़ता है। इसलिए घरेलू उपभोक्ताओं के साथ-साथ व्यावसायिक और औद्योगिक बिजली दरों की भी विशेष समीक्षा होनी चाहिए।
ज्ञापन में बिजली बिलों, अतिरिक्त शुल्कों, सरकारी अनुदान, मीटर रीडिंग, बिलिंग व्यवस्था, शिकायत निवारण प्रणाली और सेवा गुणवत्ता के मानकों में पारदर्शिता लाने की मांग की गई है।
मुख्यमंत्री सचिवालय से मिला जवाब
लोक हिंद पार्टी के अनुसार, मुख्यमंत्री सचिवालय, मंत्रालय, मुंबई से ज्ञापन के संबंध में जवाब प्राप्त हुआ है। इसमें ई-मेल मिलने की पुष्टि करते हुए बताया गया कि उचित कार्रवाई के लिए आवेदन ऊर्जा विभाग को भेज दिया गया है। आगे की जानकारी के लिए ऊर्जा विभाग से संपर्क करने को कहा गया है।
पार्टी के कासिम अंसारी, एम. अबूबक्र, बरकत रजबकर, वसीम अंसारी, अशफाक भोपाली सहित अन्य नेता इस मामले में जानकारी जुटाकर मंत्रालय जाने की तैयारी कर रहे हैं।
लोक हिंद पार्टी ने ‘उपभोक्ता प्रथम, सस्ती बिजली, बेहतर सेवा, निष्पक्ष प्रतिस्पर्धा’ का नारा देते हुए सरकार से भिवंडी के बिजली उपभोक्ताओं को राहत देने की अपील की है। पार्टी ने अपने सिद्धांत ‘न एकाधिकार, न भ्रष्टाचार, न दलाली’ के तहत बिजली वितरण व्यवस्था में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने की मांग दोहराई है।

