भिवंडी में एक्सपायरी और चूहों से दूषित खाद्य पदार्थों की दोबारा बिक्री का आरोप, 3.37 करोड़ रुपये का माल जांच के घेरे में

भिवंडी

रिलायंस, ब्लिंकिट और जोमैटो हाइपरप्योर से जुड़े खाद्य पदार्थों के निस्तारण में गड़बड़ी का आरोप; भिवंडी के दो स्थानीय कारोबारियों समेत कई लोगों के खिलाफ मामला दर्ज

अब्दुल गनी खान
भिवंडी। भिवंडी में लोगों की सेहत से खिलवाड़ करने का गंभीर मामला सामने आया है। खाद्य एवं औषधि प्रशासन (FDA) के एक अधिकारी की शिकायत के आधार पर आरोप लगाया गया है कि एक्सपायरी डेट पार कर चुके, खराब और चूहों से दूषित खाद्य पदार्थों को नष्ट करने के बजाय कथित तौर पर दोबारा बिक्री के लिए बाजार में पहुंचाया गया। इस मामले में रिलायंस कंज्यूमर प्रोडक्ट्स, रिलायंस रिटेल, ब्लिंकिट कॉमर्स और जोमैटो हाइपरप्योर से जुड़े अधिकारियों तथा कचरा निस्तारण एजेंसियों और भिवंडी के स्थानीय कारोबारियों सहित कई लोगों के नाम सामने आए हैं।
शांतिनगर पुलिस स्टेशन में दर्ज शिकायत के अनुसार, खाद्य सुरक्षा अधिकारी प्रवीण बालासाहेब शिंदे ने आरोप लगाया है कि 14 अक्टूबर 2026 को दोपहर 1:30 बजे से 15 अक्टूबर 2026 की रात 2:30 बजे के बीच विभिन्न स्थानों पर खाद्य पदार्थों के भंडारण और निस्तारण से जुड़े मामलों में अनियमितताएं हुईं। इनमें तलोजा इंडस्ट्रियल लॉजिस्टिक पार्क, खोणी-तलोजा रोड, अंबरनाथ तथा भिवंडी के कुछ गोदाम और कारोबारी प्रतिष्ठान शामिल बताए गए हैं।

  नष्ट करने के बजाय दोबारा बिक्री का आरोप

शिकायत के मुताबिक, संबंधित कंपनियों और एजेंसियों के पास से एक्सपायरी डेट पार कर चुके, खराब और चूहों से दूषित खाद्य पदार्थों को नष्ट करने के लिए भेजा गया था। आरोप है कि इन खाद्य पदार्थों को निर्धारित तरीके से नष्ट करने के बजाय कथित मिलीभगत से दोबारा बिक्री के लिए उपलब्ध कराया गया।

शिकायत में भिवंडी के गुलजार ट्रेडर्स के मालिक गुलजार अब्दुल खान और डिस्काउंट स्टोर के मालिक अब्दुल मोबिन खान का भी नाम शामिल है। आरोप है कि निस्तारण के लिए आए खाद्य पदार्थों को दोबारा बिक्री के लिए भंडारित किया गया और उन्हें खाने योग्य बताकर ग्राहकों तक पहुंचाने की कोशिश की गई। इससे आम लोगों के स्वास्थ्य को खतरा पैदा होने की आशंका जताई गई है।

3.37 करोड़ रुपये से अधिक के खाद्य पदार्थों का मामला

पुलिस रिकॉर्ड में खाद्य पदार्थों की कुल कीमत 3,37,71,305.52 रुपये दर्ज बताई गई है। शिकायत में आरोप लगाया गया है कि खाद्य पदार्थों के निस्तारण से संबंधित दिशा-निर्देशों का उल्लंघन कर आर्थिक लाभ के लिए कथित तौर पर यह पूरा नेटवर्क संचालित किया गया।

इस मामले में भारतीय न्याय संहिता, 2023 की धाराओं 318(4), 275 और 61 के साथ खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम, 2006 की धाराओं 31, 59 और 63 के तहत मामला दर्ज किया गया है।

पुलिस जांच के बाद सामने आएगी पूरी तस्वीर

शांतिनगर पुलिस स्टेशन में 16 अक्टूबर 2026 को मामला दर्ज किए जाने के बाद जांच शुरू की गई। उपलब्ध पुलिस विवरण के अनुसार, मामले में नामजद आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं हुई थी। पुलिस अब खाद्य पदार्थों की खरीद-बिक्री, भंडारण, निस्तारण से जुड़े दस्तावेजों और संबंधित कारोबारियों की भूमिका की जांच कर रही है।
इस मामले की जांच पुलिस निरीक्षक विजय मोरे कर रहे हैं। आरोपों की पुष्टि जांच और कानूनी प्रक्रिया के बाद ही होगी।

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