पद्मानगर की ‘एस.डी.बी. रेसिडेंसी’ के खिलाफ शिकायत के महीनों बाद भी कार्रवाई नहीं होने का आरोप, अब्दुल गनी खान ने मनपा प्रशासन की कार्यप्रणाली पर उठाए सवाल
भिवंडी। भिवंडी निजामपुर शहर महानगरपालिका की प्रभाग समिति क्रमांक-3 के अंतर्गत कथित अवैध निर्माणों का मुद्दा एक बार फिर चर्चा में है। नवीन कणेरी के पद्मानगर स्थित ‘एस.डी.बी. रेसिडेंसी’ के निर्माण को लेकर बिना अनुमति काम करने का आरोप लगाया गया है। इस मामले में शिकायत के बावजूद कार्रवाई नहीं होने का आरोप लगाते हुए पीपल्स रिपब्लिकन पार्टी के भिवंडी शहर जिला अल्पसंख्यक विभाग के अध्यक्ष अब्दुल गनी खान ने मनपा प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े किए हैं।
शिकायत के महीनों बाद भी कार्रवाई क्यों नहीं?
अब्दुल गनी खान के अनुसार, उन्होंने 24 अगस्त 2026 को मनपा आयुक्त और प्रभाग समिति क्रमांक-3 के सहायक आयुक्त को लिखित शिकायत देकर संबंधित निर्माण की जांच तथा महाराष्ट्र प्रादेशिक एवं नगर रचना अधिनियम (एमआरटीपी एक्ट) के तहत कार्रवाई की मांग की थी। शिकायत में आरोप लगाया गया कि नवीन कणेरी, पद्मानगर स्थित म्युनिसिपल घर नंबर 59/0 के पुराने मकान को तोड़कर उसके स्थान पर ‘एस.डी.बी. रेसिडेंसी’ नाम से आरसीसी इमारत का निर्माण किया जा रहा है।

शिकायतकर्ता ने विकासक मेसर्स राजेंद्र आसम पर कथित तौर पर मनपा की अनुमति के बिना निर्माण कराने, इमारत के आसपास आवश्यक मार्जिन नहीं छोड़ने और निर्माण में घटिया सामग्री इस्तेमाल करने की आशंका जताई थी। इसके बावजूद, शिकायतकर्ता का आरोप है कि महीनों बीत जाने के बाद भी प्रभाग समिति-3 के सहायक आयुक्त नितेश चौधरी ने न तो कोई ठोस कार्रवाई की और न ही शिकायत पर कोई जवाब दिया।
सहायक आयुक्त के कार्यकाल में निर्माण कार्य बढ़ने का आरोप
अब्दुल गनी खान ने आरोप लगाया कि नितेश चौधरी के प्रभाग समिति-3 का सहायक आयुक्त बनने के बाद क्षेत्र में कथित अवैध निर्माण तेजी से बढ़े हैं। उनका यह भी दावा है कि जिन निर्माण कार्यों पर मनपा ने पहले कार्रवाई की थी और जिन्हें बंद कराया गया था, उनमें से कुछ निर्माण दोबारा शुरू हो गए हैं।
यदि पहले रोके गए निर्माण फिर से शुरू हुए हैं, तो यह मनपा की निगरानी और कार्रवाई की निरंतरता पर गंभीर सवाल खड़े करता है। आखिर जिन निर्माणों पर पहले कार्रवाई की गई थी, वे दोबारा किस आधार पर शुरू हुए? क्या संबंधित निर्माणों की दोबारा जांच की गई? और शिकायतों के बावजूद कार्रवाई नहीं होने की वजह क्या है? इन सवालों का जवाब मनपा प्रशासन को देना चाहिए।
नियम सिर्फ आम नागरिकों के लिए या बिल्डरों के लिए भी?
शहर में अनधिकृत निर्माणों पर नियंत्रण रखना महानगरपालिका की जिम्मेदारी है। ऐसे में यदि किसी निर्माण के खिलाफ लिखित शिकायत मिलने के बावजूद कार्रवाई नहीं होती, तो प्रशासन की जवाबदेही तय होना जरूरी है। पद्मानगर की ‘एस.डी.बी. रेसिडेंसी’ के मामले में भी निर्माण की अनुमति, स्वीकृत नक्शे, आवश्यक खुली जगह और निर्माण संबंधी नियमों की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए।
अब सवाल यह है कि मनपा आयुक्त इस शिकायत पर कब संज्ञान लेंगे? क्या प्रभाग समिति-3 के अंतर्गत कथित अवैध निर्माणों की स्वतंत्र जांच कराई जाएगी, या शिकायतें फाइलों में ही दबकर रह जाएंगी?
फिलहाल, सहायक आयुक्त नितेश चौधरी और संबंधित विकासक का पक्ष सामने आना बाकी है। आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि भी नहीं हुई है। ऐसे में मनपा प्रशासन की जांच और संबंधित पक्षों के जवाब के बाद ही पूरे मामले की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।

