भिवंडी में वायु प्रदूषण फैलाने वालों पर सख्त हुई मनपा, तीन चरणों में कार्रवाई

भिवंडी

पहली बार उल्लंघन पर नोटिस, फिर गलती करने पर जुर्माना उसके बाद काम बंद कराने की तैयारी

भिवंडी शहर में बढ़ते वायु प्रदूषण पर नियंत्रण के लिए महानगरपालिका ने सख्त रुख अपनाया है। निर्माण कार्यों से उड़ने वाली धूल, मलबा, कचरा जलाने और खुले में कचरा फेंकने वालों के खिलाफ अब तीन चरणों में कार्रवाई की जाएगी। इसके लिए मनपा ने ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान (GRAP) लागू करने की कार्यप्रणाली तय की है। इसके तहत पहली बार नियमों का उल्लंघन करने पर नोटिस, दोबारा गलती करने पर जुर्माना और गंभीर मामलों में काम बंद कराने जैसी कार्रवाई की जाएगी।
            उपआयुक्त (पर्यावरण) बालकृष्ण क्षीरसागर के अनुसार, GRAP के तहत कार्रवाई को तीन स्तरों में बांटा गया है। पहले चरण में निर्माण व्यवसायियों, डेवलपर्स, ठेकेदारों और संबंधित संपत्ति मालिकों को लिखित नोटिस देकर निर्धारित समय में कमियां दूर करने का निर्देश दिया जाएगा। निर्माण स्थलों पर हरी जालियां लगाने, हवा से धूल फैलने से रोकने के लिए अवरोधक बनाने और नियमित पानी का छिड़काव करने जैसे उपाय अनिवार्य होंगे।

            दूसरे चरण में लगेगा जुर्माना

नोटिस के बावजूद निर्धारित समय में सुधार नहीं करने या दोबारा नियमों का उल्लंघन करने पर संबंधितों के खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी। जरूरत पड़ने पर धूल फैलाने वाले उत्खनन और तोड़फोड़ के काम को रोकने के लिए नोटिस जारी होगा।मनपा द्वारा कचरा हटाने पर होने वाला खर्च भी संबंधित दोषियों से वसूल किया जाएगा।

तीसरे चरण में काम बंद कराने की कार्रवाई

बार-बार नियम तोड़ने, गंभीर प्रदूषण फैलाने, खुले में कचरा जलाने और बड़े पैमाने पर अवैध रूप से कचरा डालने के मामलों में सख्त कार्रवाई होगी। इसमें काम बंद कराना, अनुमति निलंबित करने की सिफारिश और संबंधित विभागों को मामला सौंपने के साथ कानूनी कार्रवाई भी शामिल है।

निर्माण सामग्री ढककर ले जाना अनिवार्य

महानगरपालिका ने नागरिकों, व्यापारियों, बिल्डरों और ठेकेदारों से कचरा या निर्माण सामग्री खुले में नहीं जलाने, निर्माण मलबे को अधिकृत स्थानों पर ही डालने और परिवहन के दौरान वाहनों में निर्माण सामग्री को ढककर ले जाने की अपील की है। सड़कों, सार्वजनिक स्थानों और खाली भूखंडों पर कचरा डालने से भी बचने के निर्देश दिए गए हैं।नियमों का पालन सुनिश्चित करने के लिए प्रभाग अधिकारियों और विशेष टीमों द्वारा नियमित निरीक्षण किया जाएगा। उल्लंघन करने वाले प्रतिष्ठानों का रिकॉर्ड रखकर दोबारा जांच भी की जाएगी।

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