गद्दारों पर कार्रवाई करो, बाहरी दखल बंद करो’

भिवंडी

भिवंडी कांग्रेस में बगावत तेज, शहर अध्यक्ष की दौड़ के बीच बढ़ा अंदरूनी घमासान

अब्दुल गनी खान
भिवंडी कांग्रेस में संगठनात्मक बदलाव की कवायद के बीच अब अंदरूनी घमासान खुलकर सामने आने लगा है। शहर अध्यक्ष पद की दौड़ के बीच पार्टी के भीतर गुटबाजी, आरोप-प्रत्यारोप और “गद्दारी” के मुद्दे ने सियासी पारा चढ़ा दिया है।

पूर्व नगरसेवक अजहर मजहर शेख ने पार्टी नेतृत्व पर तीखा हमला बोलते हुए मांग की है कि कांग्रेस के भीतर कथित “गद्दारों” के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए और बाहरी हस्तक्षेप को तुरंत रोका जाए। इस संबंध में उन्होंने भिवंडी प्रभारी मामन खान को लिखित शिकायत भी सौंपी है।

            20 साल के फैसलों पर सवाल

अजहर मजहर शेख का आरोप है कि पिछले 20 वर्षों से भिवंडी कांग्रेस में गलत फैसले लिए जा रहे हैं, जिसके चलते पार्टी लगातार कमजोर होती गई है। उन्होंने कहा कि कमजोर नेतृत्व की वजह से पार्टी आज तक यहां विधायक तक नहीं बना सकी। इससे कार्यकर्ताओं का मनोबल टूट चुका है और जनता का भरोसा भी डगमगाया है।

शेख ने कहा कि पार्टी के समर्पित और पुराने कार्यकर्ताओं को लगातार नजरअंदाज किया जा रहा है, जबकि मौके उन लोगों को दिए जा रहे हैं जो चुनाव के समय ही सक्रिय होते हैं।

      शहर अध्यक्ष पद के लिए 16 दावेदार

सूत्रों के मुताबिक, इस बार भिवंडी कांग्रेस शहर अध्यक्ष पद के लिए 16 दावेदार मैदान में हैं। इनमें कई ऐसे चेहरे भी शामिल बताए जा रहे हैं, जिनकी पार्टी निष्ठा को लेकर सवाल उठ रहे हैं।

यही वजह है कि संगठन के भीतर खींचतान और तेज हो गई है। कई गुट अपने-अपने उम्मीदवार के समर्थन में लामबंद नजर आ रहे हैं।

      प्रभारी ने तीन दिन तक टटोली नब्ज

हाल ही में भिवंडी पहुंचे प्रभारी मामन खान ने तीन दिनों तक स्थानीय नेताओं और कार्यकर्ताओं से मुलाकात कर संगठन की नब्ज टटोलने की कोशिश की। इस दौरान गुटबाजी, मनपा चुनाव में कथित ‘बी-फॉर्म’ विवाद और मौजूदा अध्यक्ष की कार्यशैली को लेकर भी जमकर नाराजगी सामने आई।

सबसे चौंकाने वाली बात यह रही कि कांग्रेस कार्यालय में ऐसे चेहरे भी नजर आए, जो हालिया चुनाव में दूसरे दलों के लिए प्रचार करते दिखाई दिए थे। इससे पार्टी के भीतर असंतोष और बढ़ गया है।

           सपा विधायक पर भी आरोप

अजहर मजहर शेख ने आरोप लगाया कि समाजवादी पार्टी के विधायक ने भी मनपा चुनाव में खुलकर हस्तक्षेप किया, जिससे कांग्रेस को नुकसान हुआ। उन्होंने कहा कि वफादार कार्यकर्ताओं के साथ लगातार अन्याय हो रहा है, जबकि “बाहरी और अवसरवादी” लोगों को संगठन में महत्व दिया जा रहा है।

        हाईकमान की रिपोर्ट पर टिकी नजर

अब प्रभारी मामन खान अपनी रिपोर्ट दिल्ली हाईकमान को सौंपेंगे, जिसके आधार पर भिवंडी कांग्रेस के नए शहर अध्यक्ष के नाम पर अंतिम फैसला लिया जाएगा।
हालांकि, उससे पहले ही पार्टी के भीतर उठ रही बगावत ने साफ संकेत दे दिए हैं कि आने वाले दिनों में भिवंडी कांग्रेस में बड़ा राजनीतिक भूचाल देखने को मिल सकता है।

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