करोड़ों की बढ़ी संपत्ति और बढ़ते आपराधिक मामलों की निष्पक्ष जांच की मांग, विधायक खेमे में मचा हड़कंप
अब्दुल गनी खान
भिवंडी। भिवंडी पूर्व विधानसभा क्षेत्र से समाजवादी पार्टी के विधायक Rais Kasam Sheikh के खिलाफ अब उनकी ही पार्टी के नेता खुलकर सामने आ गए हैं। पार्टी सचिव, पूर्व नगरसेवकों और अन्य पदाधिकारियों सहित करीब एक दर्जन लोगों ने मुख्यमंत्री Devendra Fadnavis, महाराष्ट्र शासन के मुख्य सचिव और राज्यपाल को शिकायत पत्र भेजकर विधायक की बढ़ी संपत्ति और बढ़ते आपराधिक मामलों की निष्पक्ष जांच की मांग की है। इस घटनाक्रम से विधायक खेमे में हड़कंप मच गया है।

समाजवादी पार्टी के शहर जिला सचिव Hamid Sheikh द्वारा भेजे गए शिकायत पत्र में विधायक रईस शेख के वर्ष 2019 और 2024 के विधानसभा चुनावों में चुनाव आयोग को सौंपे गए शपथपत्रों का हवाला देते हुए कई गंभीर सवाल उठाए गए हैं। शिकायत के अनुसार, 2019 के चुनावी हलफनामे में विधायक ने अपने खिलाफ केवल एक आपराधिक मामला लंबित बताया था, जबकि 2024 के शपथपत्र में ऐसे मामलों की संख्या बढ़कर चार हो गई।
शिकायत में विधायक की संपत्ति में हुई वृद्धि पर भी सवाल उठाए गए हैं। आरोप है कि वर्ष 2019 में विधायक की घोषित संपत्ति करीब 5.48 करोड़ रुपये थी, जो 2024 में बढ़कर लगभग 7.60 करोड़ रुपये तक पहुंच गई। वहीं देनदारियां भी 2.42 करोड़ रुपये से बढ़कर 3.33 करोड़ रुपये हो गईं। हमीद शेख ने मांग की है कि विधायक और उनके परिवार की संपत्तियों के स्रोतों की जांच आर्थिक अपराध शाखा (EOW) या अन्य सक्षम एजेंसियों से कराई जाए।
सूत्रों के मुताबिक, भिवंडी से करीब 10 से 12 लोगों ने अलग-अलग पत्र भेजकर अपने ही पार्टी विधायक के खिलाफ कार्रवाई और जांच की मांग की है। इनमें पूर्व उपमहापौर Ahmed Siddiqui, पूर्व नगरसेवक Matloob Sardar, सुरेश पाटिल तथा आरपीआई (एकतावादी) भिवंडी शहर अध्यक्ष और पूर्व नगरसेवक Vikas Nikam समेत अन्य लोगों के नाम शामिल बताए जा रहे हैं।
इस पूरे घटनाक्रम ने समाजवादी पार्टी के भीतर चल रहे अंतर्कलह को सार्वजनिक कर दिया है। मामले की शिकायत विधानसभा अध्यक्ष को भी भेजी गई है। हमीद शेख ने अपने पत्र में स्पष्ट किया है कि यह शिकायत किसी व्यक्तिगत या राजनीतिक द्वेष से प्रेरित नहीं, बल्कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में पारदर्शिता और कानून के समान पालन की भावना से की गई है। उन्होंने चुनाव आयोग को दिए गए शपथपत्रों में दर्ज मामलों और संपत्ति वृद्धि की विस्तृत जांच कर रिपोर्ट सार्वजनिक करने की मांग की है।
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि यदि इस मामले में शासन स्तर पर जांच शुरू होती है, तो आने वाले दिनों में यह मामला महाराष्ट्र की राजनीति में बड़ा विवाद खड़ा कर सकता है।
गौरतलब है कि इससे पहले समाजवादी पार्टी भिवंडी शहर अध्यक्ष Anas Ansari द्वारा हाल ही में हुए मनपा चुनाव में कथित पार्टी विरोधी गतिविधियों को लेकर विधायक को कारण बताओ नोटिस भी जारी किया गया था। ऐसे में पार्टी के भीतर बढ़ता विरोध आने वाले समय में विधायक रईस शेख की राजनीतिक मुश्किलें बढ़ा सकता है।

