आदिल नोमानी
कल्याण। कल्याण-डोंबिवली महानगरपालिका (केडीएमसी) की महापौर हर्षाली चौधरी का सड़क किनारे फेरीवालों से खरीदारी करते हुए एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया है। वीडियो सामने आने के बाद शहर में फेरीवाला नीति और मनपा की कार्रवाई को लेकर नई राजनीतिक बहस शुरू हो गई है।

जानकारी के अनुसार, हाल ही में हुई महासभा में अवैध फेरीवालों का मुद्दा प्रमुखता से उठाया गया था, जिसके बाद मनपा प्रशासन ने शहरभर में अतिक्रमण हटाओ अभियान तेज कर दिया था। इसी बीच वायरल वीडियो में महापौर हर्षाली चौधरी अपनी महिला सहयोगियों के साथ सड़क किनारे फेरीवालों से सामान खरीदती नजर आ रही हैं।
वीडियो वायरल होने के बाद नागरिकों के बीच भी सवाल उठने लगे हैं। लोगों का कहना है कि एक तरफ जहां मनपा की टीमें अवैध फेरीवालों के खिलाफ कार्रवाई कर रही हैं, वहीं शहर की प्रथम नागरिक का उनसे खरीदारी करना विरोधाभासी संदेश देता है। नागरिकों ने सवाल उठाया है कि यदि फेरीवालों से खरीदारी स्वीकार्य है तो उनके खिलाफ कार्रवाई क्यों की जा रही है, और यदि कार्रवाई सही है तो जनप्रतिनिधियों को भी इसका पालन करना चाहिए।
स्थानीय नागरिकों ने यह भी बताया कि छत्रपति शिवाजी महाराज चौक से कल्याण रेलवे स्टेशन जाने वाले मार्ग पर फेरीवालों के कारण लगातार भीड़ और जाम की स्थिति बनी रहती है, जिससे पैदल यात्रियों और वाहन चालकों को परेशानी होती है।

इस मुद्दे पर कांग्रेस की नगरसेवक एवं गटनेता कांचन कुलकर्णी ने महापौर पर निशाना साधते हुए कहा कि एक ओर मनपा फेरीवालों के खिलाफ अभियान चला रही है, वहीं दूसरी ओर महापौर का उनसे खरीदारी करना विरोधाभासी है। उन्होंने कहा कि यदि महापौर स्वयं फेरीवालों से खरीदारी कर सकती हैं तो आम नागरिकों को रोकने का क्या औचित्य है।
कुलकर्णी ने यह भी मांग की कि कल्याण और डोंबिवली में फेरीवालों के लिए निश्चित और वैध स्थान तय किया जाए, ताकि उनकी आजीविका भी सुरक्षित रहे और शहर में अतिक्रमण व ट्रैफिक की समस्या का समाधान हो सके।
महापौर के वायरल वीडियो के बाद यह मामला राजनीतिक और सामाजिक चर्चा का केंद्र बन गया है। नागरिकों ने प्रशासन से मांग की है कि नियमों का पालन सभी के लिए समान रूप से सुनिश्चित किया जाए।

