पेपर लीक से लेकर बेरोजगारी तक, केंद्र सरकार पर बरसा उत्तर भारतीय बिहारी फ्रंट

महाराष्ट्र

नीट पेपर लीक मामले में पीएम और शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग, उत्तर भारतीय बिहारी फ्रंट का प्रदर्शन का ऐलान

महाराष्ट्र । नीट और अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित पेपर लीक के मुद्दे को लेकर उत्तर भारतीय बिहारी फ्रंट ने केंद्र सरकार पर गंभीर आरोप लगाए हैं। संगठन ने प्रधानमंत्री और केंद्रीय शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग करते हुए कहा है कि परीक्षा व्यवस्था में लगातार हो रही गड़बड़ियों से छात्रों का भविष्य प्रभावित हुआ है।

संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष राजेंद्र सिंह यादव द्वारा जारी प्रेस बयान में कहा गया कि परीक्षा रद्द होने और भर्ती प्रक्रियाओं में अनिश्चितता के कारण देशभर के अनेक छात्र मानसिक तनाव का सामना कर रहे हैं। संगठन का आरोप है कि पेपर लीक की घटनाओं को रोकने में सरकार विफल रही है और छात्रों की समस्याओं के प्रति गंभीरता नहीं दिखाई जा रही है।

बयान में दावा किया गया कि वर्ष 2014 से अब तक विभिन्न परीक्षाओं में पेपर लीक की कई घटनाएं सामने आई हैं। संगठन ने कहा कि इस मुद्दे पर विपक्षी दलों और छात्र संगठनों द्वारा लोकतांत्रिक तरीके से आंदोलन किए जा रहे हैं, लेकिन उनकी मांगों पर ठोस कार्रवाई नहीं हो रही है।

  आर्थिक और रोजगार संबंधी मुद्दे भी उठाए

उत्तर भारतीय बिहारी फ्रंट ने अपने बयान में महंगाई, बेरोजगारी, सरकारी वादों और देश की आर्थिक स्थिति को लेकर भी केंद्र सरकार की आलोचना की। संगठन ने आरोप लगाया कि रोजगार सृजन, भ्रष्टाचार पर नियंत्रण और अन्य प्रमुख वादों को पूरा करने में सरकार सफल नहीं रही है।

       आंदोलन तेज करने की चेतावनी

संगठन ने राष्ट्रपति से मामले में हस्तक्षेप करने की मांग करते हुए कहा कि यदि छात्रों और बेरोजगार युवाओं की मांगों पर उचित कार्रवाई नहीं की गई तो देशभर में आंदोलन को और तेज किया जाएगा। संगठन का कहना है कि किसी भी संभावित आंदोलन की जिम्मेदारी केंद्र और राज्य सरकारों की होगी।
उत्तर भारतीय बिहारी फ्रंट के राष्ट्रीय अध्यक्ष राजेंद्र सिंह यादव ने कहा कि छात्रों के भविष्य और परीक्षा प्रणाली की विश्वसनीयता की रक्षा के लिए सरकार को जवाबदेह होना चाहिए।

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