भिवंडी में राष्ट्रीय एकता का संदेश देगा धामणकर नाका मित्र मंडल का गणेशोत्सव

भिवंडी

वाराणसी के ‘स्वर्वेद महामंदिर धाम’ की 120 फीट ऊंची पर्यावरण अनुकूल प्रतिकृति बनेगी आकर्षण का केंद्र

अब्दुल गनी खान
भिवंडी : धार्मिक और सामाजिक विविधता के लिए पहचाने जाने वाले भिवंडी शहर में हिंदू-मुस्लिम एकता और राष्ट्रीय एकात्मता की मिसाल पेश करने वाला धामणकर नाका मित्र मंडल इस वर्ष अपना 38वां गणेशोत्सव भव्य स्तर पर आयोजित कर रहा है। पिछले 37 वर्षों से सामाजिक सौहार्द और जनजागरण को प्राथमिकता देने वाले मंडल ने इस बार भी गणेशोत्सव को धार्मिक आयोजन के साथ-साथ सामाजिक, सांस्कृतिक और जनजागृति के मंच के रूप में मनाने की तैयारी की है।

इस वर्ष मंडल के गणेशोत्सव में उत्तर प्रदेश के वाराणसी स्थित ‘स्वर्वेद महामंदिर धाम’ की करीब 120 फीट ऊंची पर्यावरण अनुकूल प्रतिकृति भक्तों के आकर्षण का मुख्य केंद्र रहेगी। इसके निर्माण में लकड़ी के खंभे, बांस, रस्सी और कपड़े जैसी पर्यावरण अनुकूल सामग्री का इस्तेमाल किया जा रहा है। आयोजकों के अनुसार, स्वर्वेद महामंदिर धाम में एक साथ करीब 20 हजार लोगों के ध्यान-साधना की व्यवस्था है।

    सामाजिक सरोकारों की लंबी परंपरा

धामणकर नाका मित्र मंडल गणेशोत्सव के माध्यम से पिछले कई वर्षों से सामाजिक उपक्रम भी चलाता रहा है। मंडल के उपाध्यक्ष राकेश पटवारी के माध्यम से हर वर्ष खडवली स्थित मातोश्री वृद्धाश्रम के बुजुर्गों को गणेशोत्सव के शुभारंभ पर आमंत्रित किया जाता है। पिछले 11 वर्षों में वृद्धाश्रम के लिए करीब 3.50 लाख रुपये की दवाइयां, प्लास्टिक कुर्सियां और व्हीलचेयर उपलब्ध कराई गई हैं।
इस वर्ष लगातार सातवीं बार भव्य रक्तदान शिविर आयोजित किया जाएगा। रक्तदाताओं को सुरक्षा के मद्देनजर हेलमेट उपहार में दिए जाएंगे। वहीं, स्वाभिमान सेवा संस्था की ओर से लगातार पांचवें वर्ष नि:शुल्क नेत्र जांच शिविर, मोतियाबिंद ऑपरेशन और चश्मा वितरण का आयोजन किया जाएगा।

गणेश मंडलों और घरेलू गणेशोत्सव के लिए प्रतियोगिता

स्वाभिमान सेवा संस्था पिछले 23 वर्षों से भिवंडी के सार्वजनिक गणेशोत्सव मंडलों को सामाजिक प्रबोधन वाले आकर्षक देखावे तैयार करने के लिए प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से ‘स्वाभिमान श्री गणेश दर्शन स्पर्धा’ आयोजित करती आ रही है। इस वर्ष भी यह प्रतियोगिता आयोजित की जाएगी। इसके अलावा भिवंडी पूर्व विधानसभा क्षेत्र के लिए तीसरे वर्ष ‘घरेलू स्वाभिमान श्री गणेश दर्शन स्पर्धा’ भी होगी।
दोनों प्रतियोगिताओं के लिए कुल 5.55 लाख रुपये की पुरस्कार राशि रखी गई है। घरेलू गणेश प्रतियोगिता में उत्कृष्ट गणेश प्रतिमा को स्वर्गीय विजय गोपाल गुज्जा की स्मृति में सम्मानित किया जाएगा।

युवाओं के लिए क्रिएटिव रील्स प्रतियोगिता

युवाओं की प्रतिभा को मंच देने के उद्देश्य से स्वाभिमान सेवा संस्था की ओर से लगातार चौथे वर्ष भिवंडी स्तरीय क्रिएटिव रील्स प्रतियोगिता आयोजित की जाएगी। प्रतियोगिता के लिए कुल 1.25 लाख रुपये की पुरस्कार राशि रखी गई है।
इसके अलावा केंद्र और राज्य सरकार की विभिन्न जनहितकारी योजनाओं को नागरिकों तक पहुंचाने के लिए विशेष उपक्रम, राज्य शासन से मान्यता प्राप्त पारंपरिक एवं देशी खेलों का आयोजन, अंधश्रद्धा निर्मूलन जनजागृति, नृत्य-नाट्य, दशावतार, गायन, वादन, खेल, चित्रकला, मूर्तिकला, साहित्य और अन्य सांस्कृतिक कार्यक्रम भी होंगे। युवाओं में नशे के खिलाफ जागरूकता पैदा करने के लिए विशेष सेल्फी पॉइंट भी बनाया जाएगा।

       43 भजन मंडलियां देंगी प्रस्तुति

गणेश मंडप में देश के विभिन्न राज्यों की सांस्कृतिक विविधता भी देखने को मिलेगी। महाराष्ट्र, उत्तर प्रदेश, राजस्थान, गुजरात, कर्नाटक, आंध्र प्रदेश और तेलंगाना से भिवंडी में आकर बसे नागरिकों की 43 भजन मंडलियों ने इस वर्ष प्रस्तुति के लिए पंजीकरण कराया है। इन मंडलियों के भजन कार्यक्रम प्रतिदिन सुबह 11 बजे से शाम 5.30 बजे तक आयोजित किए जाएंगे।
गणेशोत्सव के दौरान पिछले 12 वर्षों से आयोजित की जा रही श्री गणेश महाआरती में भी इस वर्ष करीब 2,500 से 3,000 भक्तों के शामिल होने की उम्मीद है।

दहीहंडी गोविंदा पथक और जरूरतमंद महिलाओं को सम्मान

शहर में शांतिपूर्ण और अनुशासित तरीके से दहीहंडी उत्सव मनाने वाले गोविंदा पथकों को पिछले 12 वर्षों से स्वर्गीय उस्ताद रघुनाथ अप्पा पड्याळ स्मृति पुरस्कार देकर सम्मानित किया जा रहा है। इस वर्ष भी विजेता गोविंदा पथक को 15 हजार रुपये का नकद पुरस्कार दिया जाएगा।
वहीं, आर्थिक रूप से कमजोर, जरूरतमंद और विधवा महिलाओं को हर वर्ष नि:शुल्क सिलाई मशीन वितरित की जाती है। अब तक करीब 150 महिलाओं को इस योजना का लाभ मिल चुका है।

     पुरस्कार की राशि बाढ़ पीड़ितों को दी

मंडल को महाराष्ट्र राज्य उत्कृष्ट सार्वजनिक गणेशोत्सव मंडल प्रतियोगिता में दो बार ठाणे जिला स्तर पर प्रथम पुरस्कार मिल चुका है। पुरस्कार के रूप में मिली 50 हजार रुपये की राशि के साथ मंडल ने कुल 51 हजार रुपये मुख्यमंत्री सहायता निधि में बाढ़ पीड़ितों के लिए जमा किए थे। इस वर्ष भी मंडल ने प्रतियोगिता के लिए आवेदन किया है। पर्यावरण अनुकूल सजावट, मिट्टी की गणेश प्रतिमा और सामाजिक उपक्रमों समेत प्रतियोगिता के सभी मानकों का पालन करने की तैयारी की गई है।

रातभर उमड़ेंगे हजारों भक्त, सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम

आयोजकों के मुताबिक गणेशोत्सव के दौरान प्रतिदिन करीब 25 से 30 हजार भक्त मंडल का भव्य देखावा देखने और गणेश दर्शन के लिए पहुंचते हैं। भक्तों की सुरक्षा के लिए परिसर में 25 सीसीटीवी कैमरे, 50 सुरक्षा रक्षक और करीब 400 मंडल कार्यकर्ताओं की तैनाती रहेगी। कार्यक्रमों का लाइव प्रसारण यूट्यूब और एसएसएस केबल नेटवर्क के माध्यम से किया जाएगा।
मंडल के संस्थापक एवं अध्यक्ष संतोष एम. शेट्टी के नेतृत्व में पदाधिकारी और कार्यकर्ता आयोजन को सफल बनाने में जुटे हैं। कार्य संचालक राजेश शेट्टी, जनरल सेक्रेटरी ईश्वर मु., हसमुख पटेल, दिलीप पोदार, संजय शाह, तारू जाधव, संतोष जंपाल, रमेश पुजारी, राकेश पटवारी, मनिष नागड़ा, अजित सिंह सहित मंडल के अन्य पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता विभिन्न व्यवस्थाओं की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं। मंडल के सलाहकार हितेश भारू और मोहन बल्लेवार भी आयोजन को सफल बनाने में सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं।
धामणकर नाका मित्र मंडल का यह गणेशोत्सव धार्मिक आस्था के साथ सामाजिक एकता, पर्यावरण संरक्षण, जनजागृति और राष्ट्रीय एकात्मता का संदेश देने के उद्देश्य से आयोजित किया जा रहा है।

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