कम आवाज और कम धुआं पैदा करने वाले पटाखों को प्राथमिकता देने का आग्रह;
बिना लाइसेंस और सुरक्षा इंतजामों के नहीं लगेगी दुकानें, नियमों का उल्लंघन करने वालों पर कार्रवाई
अब्दुल गनी खान|
दिवाली के दौरान बढ़ते वायु और ध्वनि प्रदूषण पर नियंत्रण रखने के लिए मंनपा प्रशासन ने नागरिकों से पर्यावरण अनुकूल और सुरक्षित दिवाली मनाने की अपील की है। प्रशासन ने नागरिकों से कम आवाज और कम धुआं पैदा करने वाले पटाखों का इस्तेमाल करने तथा प्रतिबंधित पटाखों से दूर रहने का आग्रह किया है। वहीं, पटाखों की अवैध बिक्री पर रोक लगाने के लिए मनपा ने शहर में पटाखा बिक्री के छह निर्धारित स्थान घोषित किए हैं। इन स्थानों के अलावा अन्य जगहों पर पटाखों की दुकानें लगाने की अनुमति नहीं दी जाएगी।

इस वर्ष दिवाली का त्योहार 6 से 11 नवंबर तक मनाया जाएगा। त्योहार के दौरान पटाखों से होने वाले प्रदूषण को देखते हुए मनपा की अतिरिक्त आयुक्त नयना ससाणे की अध्यक्षता में संबंधित विभागों, पुलिस अधिकारियों और पटाखा विक्रेताओं की संयुक्त बैठक आयोजित की गई। बैठक में पर्यावरण, लाइसेंस, अग्निशमन और पुलिस विभाग को पटाखों की बिक्री तथा सुरक्षा व्यवस्था पर विशेष निगरानी रखने के निर्देश दिए गए।मनपा प्रशासन ने शहर में पटाखों की बिक्री के लिए छह स्थान निश्चित किए हैं।इनमें नजराणा टॉकीज मैदान, कमला बिल्डिंग मैदान (पद्मानगर), छत्रपति शिवाजी महाराज चौक (कसाईवाड़ा), अंजूरफाटा स्थित के. आर. हाईट्स बिल्डिंग के सामने की खुली जगह, कामतघर गणपति विसर्जन घाट और फेरी बिल्डिंग (पद्मानगर) शामिल हैं। इन निर्धारित स्थानों पर ही नियमानुसार पटाखों की दुकानें लगाई जा सकेंगी।
लाइसेंस और अग्निशमन उपकरण अनिवार्य
शहरभर में मनपा ने तकरीबन 50 दुकानों को पटाखा बिक्री का परमिशन दिया है।मनपा प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि पटाखा विक्रेताओं को दुकान लगाने से पहले आवश्यक लाइसेंस के साथ अग्निशमन और पुलिस विभाग का अनापत्ति प्रमाणपत्र लेना होगा। प्रत्येक दुकान के बाहर अग्निशमन उपकरण रखना अनिवार्य होगा। विक्रेताओं को अपनी दुकान के आसपास साफ-सफाई बनाए रखने और कचरा निर्धारित डस्टबिन में डालने के निर्देश भी दिए गए हैं। बिना अनुमति दुकान लगाने या निर्धारित स्थानों के अलावा पटाखे बेचने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
प्रतिबंधित पटाखों की बिक्री पर सख्ती
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि उच्चतम न्यायालय के दिशा-निर्देशों तथा ध्वनि एवं वायु प्रदूषण नियंत्रण संबंधी नियमों का पालन करना सभी के लिए अनिवार्य है। बेरियम सॉल्ट, लिथियम, आर्सेनिक, लेड और मरकरी जैसे हानिकारक तत्वों वाले पटाखों के उत्पादन, बिक्री और इस्तेमाल पर प्रतिबंध संबंधी निर्देशों का पालन करना होगा। निर्धारित ध्वनि सीमा से अधिक आवाज करने वाले पटाखों की बिक्री और इस्तेमाल भी प्रतिबंधित रहेगा।मनपा ने नागरिकों से स्कूलों, अस्पतालों और अन्य शांत क्षेत्रों के आसपास पटाखे नहीं जलाने की अपील की है। साथ ही बच्चों और युवाओं में पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूकता बढ़ाने के लिए स्कूल-कॉलेजों में जनजागरण अभियान चलाने के निर्देश दिए गए हैं।
हरित और सुरक्षित दिवाली मनाने का संदेश
प्रशासन ने नागरिकों से पटाखों के बजाय पर्यावरण संरक्षण को प्राथमिकता देने, कम प्रदूषण फैलाने वाले विकल्प अपनाने और त्योहार के दौरान सुरक्षा नियमों का पालन करने की अपील की है। मनपा का कहना है कि दिवाली खुशियों और रोशनी का त्योहार है, इसलिए इसे दूसरों के स्वास्थ्य और पर्यावरण को नुकसान पहुंचाए बिना मनाया जाना चाहिए। बैठक में उपायुक्त (लाइसेंस) बालकृष्ण क्षीरसागर, लाइसेंस विभाग प्रमुख स्नेहल पुण्यार्थी, पुलिस एवं मनपा के अधिकारी तथा पटाखा विक्रेता उपस्थित थे।

