सांसद सुरेश म्हात्रे ने अस्पतालों के विकास कार्यों का किया औचक निरीक्षण, उपजिला अस्पताल की मरम्मत में गुणवत्ता बनाए रखने पर दिया जोर
अब्दुल गनी खान
भिवंडी ।केंद्र सरकार के राष्ट्रीय शहरी स्वास्थ्य मिशन के तहत भिवंडी में निर्माणाधीन 200 बेड के मातृ एवं बाल संगोपन अस्पताल का शेष काम तत्काल पूरा कर इसे दिसंबर तक नागरिकों के लिए शुरू किया जाए। यह निर्देश सांसद सुरेश म्हात्रे उर्फ बाल्यामामा ने शुक्रवार शाम शहर के अस्पतालों के विकास कार्यों के औचक निरीक्षण के दौरान प्रशासन को दिए।
उन्होंने स्व. इंदिरा गांधी उपजिला अस्पताल की मरम्मत के लिए मंजूर 22 करोड़ रुपये के कार्यों का भी जायजा लिया और सार्वजनिक निर्माण विभाग को काम की गुणवत्ता तथा मजबूती पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए। निरीक्षण के दौरान अस्पताल की चिकित्सा अधीक्षक डॉ. माधवी पंदारे, सार्वजनिक निर्माण विभाग के उपअभियंता दत्तू गीते, नागरी स्वास्थ्य अभियान विभाग के अभियंता प्रदीप पाटील सहित संबंधित अधिकारी मौजूद रहे।

सांसद म्हात्रे ने कहा कि भिवंडी शहर और ग्रामीण क्षेत्रों की तेजी से बढ़ती आबादी के साथ वाडा और शाहापुर क्षेत्र के अनेक मरीज भी उपचार के लिए उपजिला अस्पताल पर निर्भर हैं। इसी जरूरत को देखते हुए अस्पताल की क्षमता 200 बेड तक बढ़ाई जा रही है। उन्होंने कहा कि मरम्मत कार्य के दौरान गुणवत्ता से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं होना चाहिए।
वहीं, राष्ट्रीय शहरी स्वास्थ्य मिशन के तहत बन रहे मातृ एवं बाल अस्पताल के लिए सरकार ने 58 करोड़ रुपये मंजूर किए हैं। निर्धारित समय सीमा समाप्त होने के बाद ठेकेदार को समयवृद्धि दी जा चुकी है। अब शेष कार्य हर हाल में पूरा कर दिसंबर तक अस्पताल को शुरू करना आवश्यक है, ऐसा स्पष्ट निर्देश सांसद ने दिया।
नया अस्पताल शुरू होने से भिवंडी शहर के साथ ग्रामीण क्षेत्रों की महिलाओं और बच्चों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध होने की उम्मीद है। सांसद म्हात्रे ने प्रशासन से परियोजना के काम में तेजी लाकर इसका लाभ जल्द से जल्द नागरिकों तक पहुंचाने को कहा।

