कुशीनगर: नेपाल में आई त्रासदी और वहां के लोगों की तकलीफों की तस्वीरें देखकर उत्तर प्रदेश के कुशीनगर के 6 वर्षीय अल्फाज का मासूम दिल पसीज गया। टीवी पर आपदा की खबरें देखने के बाद बच्चे ने पीड़ितों की मदद करने का फैसला किया। इसके लिए उसने अपनी एक साल से संभालकर रखी गुल्लक ही दान करने की ठान ली।

अल्फाज अपनी गुल्लक लेकर खुद कलेक्ट्रेट पहुंचा और उसे जिलाधिकारी को सौंप दिया। गुल्लक में उसकी लंबे समय से जमा की हुई बचत थी। इतनी कम उम्र में बच्चे की इस पहल ने वहां मौजूद अधिकारियों और लोगों का ध्यान खींचा।
टीवी पर देखी तबाही तो मदद का आया ख्याल
बताया गया कि अल्फाज ने नेपाल में हुई तबाही और उससे प्रभावित लोगों की खबरें टीवी पर देखीं। पीड़ितों की स्थिति देखकर वह भावुक हो गया। उसने अपने परिवार से मदद करने की इच्छा जताई और अपनी गुल्लक दान करने का फैसला किया।
अपनी जमा पूंजी जरूरतमंदों के नाम की
अल्फाज ने अपनी एक साल पुरानी गुल्लक को खोला नहीं, बल्कि उसमें जमा पूरी रकम जरूरतमंदों की मदद के लिए सौंप दी। वह खुद कलेक्ट्रेट पहुंचा और जिलाधिकारी को गुल्लक सौंपकर अपनी जिम्मेदारी निभाई।
नन्हे हाथों से मिला बड़ा संदेश
अल्फाज की इस पहल की अधिकारियों और स्थानीय लोगों ने सराहना की। लोगों का कहना है कि बच्चे ने छोटी उम्र में इंसानियत और संवेदनशीलता की बड़ी मिसाल पेश की है। उसकी पहल यह संदेश देती है कि किसी जरूरतमंद की मदद करने के लिए उम्र या बड़ी रकम नहीं, बल्कि मदद करने का जज्बा जरूरी है।

