दूध बावड़ी जैद स्कूल से गोल्डन होटल तक मशीनरी नाले से सटाकर धड़ल्ले से निर्माण जारी होने का दावा
भिवंडी। भिवंडी-निजामपुर शहर महानगरपालिका की प्रभाग समिति क्रमांक-4 में कथित अवैध निर्माणों को लेकर एक बार फिर सवाल खड़े हो गए हैं। दूध बावड़ी जैद स्कूल और गोल्डन होटल के आगे मशीनरी नाले से सटाकर निर्माण कार्य किए जाने की शिकायत सामने आई है। स्थानीय स्तर पर आरोप है कि इन निर्माणों में नियम-कायदों की अनदेखी की जा रही है और जिम्मेदार विभाग की कथित चुप्पी से निर्माणकर्ताओं के हौसले बुलंद हैं।

स्थानीय सूत्रों के मुताबिक, उजैफा बिल्डर से जुड़े करीब तीन से चार स्थानों पर ऊंचे निर्माण कार्य किए जा रहे हैं। आरोप यह भी है कि इन निर्माणों को लेकर संबंधित विभाग की ओर से अपेक्षित कार्रवाई नहीं की जा रही है। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि होना अभी बाकी है।
अधिकारी-बिल्डर की कथित नजदीकी पर सवाल
इस पूरे मामले में प्रभाग समिति-4 के सहायक आयुक्त अरविंद गुगरे की भूमिका को लेकर भी सवाल उठाए जा रहे हैं। स्थानीय लोगों का आरोप है कि बिल्डर और अधिकारी के बीच कथित नजदीकी के कारण निर्माण कार्यों पर प्रभावी कार्रवाई नहीं हो रही है। ऐसे गंभीर आरोपों के बीच प्रशासन की जिम्मेदारी है कि वह मौके पर निर्माणों की जांच कराए और यदि नियमों का उल्लंघन पाया जाता है तो नियमानुसार कार्रवाई करे।
नाले से सटाकर निर्माण, सुरक्षा और नियमों पर सवाल
मशीनरी नाले के आसपास निर्माण को लेकर भी सवाल खड़े हो रहे हैं। नाले से सटाकर किए जा रहे कथित निर्माणों की वैधता, अनुमति और संबंधित विभाग की मंजूरी की जांच जरूरी है। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि यदि निर्माण नियमों के विपरीत हैं तो समय रहते कार्रवाई की जानी चाहिए, ताकि बाद में किसी तरह की समस्या पैदा न हो।
अब नजर उच्च अधिकारियों की कार्रवाई पर
मामला सामने आने के बाद सबसे बड़ा सवाल यह है कि क्या महानगरपालिका के उच्च अधिकारी मौके की जांच कराएंगे? क्या संबंधित निर्माणों के दस्तावेज और मंजूर नक्शे जांचे जाएंगे? और यदि आरोप सही पाए जाते हैं तो जिम्मेदार अधिकारी तथा निर्माणकर्ता के खिलाफ कार्रवाई होगी?
अब निगाहें मनपा के उच्च अधिकारियों, जिनमें विक्रम दराडे सहित संबंधित वरिष्ठ अधिकारियों की भूमिका पर हैं। सवाल यह भी है कि क्या प्रशासन कथित अवैध निर्माणों पर बुलडोजर चलाने जैसी कार्रवाई करेगा या शिकायतें और आरोप फाइलों में ही दबे रहेंगे?
नोट: उजैफा बिल्डर और सहायक आयुक्त अरविंद गुगरे पर लगाए गए आरोपों पर उनका पक्ष इस समाचार में उपलब्ध नहीं है। उनका पक्ष मिलने पर उसे प्रमुखता से प्रकाशित किया जाना चाहिए।

