396 आशा स्वयंसेवकों ने माथे पर काली पट्टी बांधकर जताया विरोध; 5 हजार रुपये अनुदान देने की मांग
विशेष संवाददाता | भिवंडी
भिवंडी महानगरपालिका प्रशासन द्वारा आशा स्वयंसेवकों को दिवाली सानुग्रह अनुदान के रूप में मात्र एक हजार रुपये देने की घोषणा से उनमें भारी नाराजगी है। बुधवार को 396 आशा स्वयंसेवकों ने मनपा मुख्यालय के प्रवेश द्वार पर माथे पर काली पट्टी बांधकर प्रशासन के फैसले के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया।
महाराष्ट्र राज्य समूह की संवर्धक एवं आशा स्वयंसेवक संघ की स्थानीय पदाधिकारी अर्चना थोरात, निकिता एनकर, शारदा पवार, बसरीन शेख और रत्ना गुडेलवार के नेतृत्व में यह प्रदर्शन किया गया।

आशा स्वयंसेवकों का कहना है कि वे घर-घर तक स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाने, राष्ट्रीय टीकाकरण कार्यक्रम के क्रियान्वयन और स्वास्थ्य संबंधी योजनाओं के प्रति नागरिकों में जागरूकता फैलाने का महत्वपूर्ण काम करती हैं। इसके बावजूद दिवाली अनुदान के रूप में केवल एक हजार रुपये देना उनके योगदान का अपमान है।अर्चना थोरात ने कहा कि आशा स्वयंसेवक पूरी जिम्मेदारी से स्वास्थ्य सेवाओं में अपनी भूमिका निभाती हैं। ऐसे में मनपा प्रशासन को उनके काम का सम्मान करते हुए कम से कम 5 हजार रुपये दिवाली अनुदान देना चाहिए। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि प्रशासन ने मांग पर सकारात्मक विचार नहीं किया तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।

