अब्दुल गनी खान
भिवंडी : डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर रेलवे प्रोजेक्ट के तहत चल रहे निर्माण कार्य ने भिवंडी के वडघर इलाके के लोगों की चिंता बढ़ा दी है। स्थानीय नागरिकों का आरोप है कि रेलवे प्रोजेक्ट के लिए किए गए मिट्टी भराव के कारण प्राकृतिक नालों का रास्ता बंद हो गया है, जिससे बारिश के दौरान पानी सीधे घरों में घुसने का खतरा पैदा हो गया है।

केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर परियोजना वसई-पनवेल मार्ग से होकर गुजर रही है। भिवंडी क्षेत्र में पुराने रेलवे ट्रैक के किनारे दोहरी रेल लाइन बिछाने का काम तेजी से किया जा रहा है। कई स्थानों पर पुल और रेलवे लाइन का निर्माण जारी है।
इसी परियोजना के तहत वडघर के पंचशील नगर परिसर में बड़े पैमाने पर मिट्टी भराव किया गया है। स्थानीय लोगों का कहना है कि इससे बरसाती पानी की निकासी करने वाले प्राकृतिक नाले पूरी तरह बंद हो गए हैं। आरोप है कि रेलवे प्रशासन और ठेकेदार की ओर से वैकल्पिक जलनिकासी व्यवस्था नहीं की गई, जिसके चलते बारिश का पानी सीधे रिहायशी इलाकों में भरने की आशंका है।

नागरिकों के मुताबिक डुंगे गांव की श्मशानभूमि से वडघर गांव की श्मशानभूमि तक रेलवे प्रशासन द्वारा कंक्रीट की दीवार और नाले का निर्माण किया जाना था, लेकिन पिछले चार महीनों से काम पूरी तरह बंद पड़ा है। वहीं मिट्टी का भराव अब घरों की दीवारों तक पहुंच गया है, जिससे पानी निकलने का रास्ता भी बंद हो गया है।
स्थानीय लोगों ने रेलवे प्रशासन से तत्काल नालों की खुदाई कर बारिश के पानी की निकासी की व्यवस्था करने की मांग की है।
इस मामले में भिवंडी लोकसभा क्षेत्र के सांसद Suresh Mhatre ने कहा कि नागरिकों की समस्या को गंभीरता से लिया गया है। संबंधित रेलवे अधिकारियों और ठेकेदारों से चर्चा कर जल्द से जल्द नाले के निर्माण और जलनिकासी व्यवस्था शुरू करने के निर्देश दिए जाएंगे।

