अब्दुल गनी खान
भिवंडी। कभी कथित देशविरोधी गतिविधियों के आरोपों को लेकर चर्चा में रहा भिवंडी तालुका का बोरिवली-पडघा क्षेत्र स्वतंत्रता दिवस पर देशभक्ति और सामाजिक एकता की तस्वीर पेश करता नजर आया। 15 अगस्त को ग्रामपंचायत बोरिवली की ओर से आयोजित स्वतंत्रता दिवस समारोह में विभिन्न स्कूलों के विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया और तिरंगे के साथ देशप्रेम, भाईचारे तथा राष्ट्रीय एकता का संदेश दिया।

समारोह की सबसे खास बात यह रही कि उर्दू, मराठी और अंग्रेजी माध्यम के विभिन्न विद्यालयों के विद्यार्थी एक ही मंच पर एकत्रित हुए। Creative English School Borivali Padgha, K.M.E.S. High School Padgha Borivali, Z.P. Primary Urdu School Borivali Padgha, Iqra Islamic School & Maktab, Padgha Urdu High School (Semi English), B.S.A. English Medium School, Z.P. Marathi School Anand Nagar और Z.P. Marathi School Samtanagar के विद्यार्थियों एवं प्रतिनिधियों ने समारोह में सहभागिता की।
कार्यक्रम के आयोजक सोहराब गुजर, जियाद सोहराब गुजर और ग्रामपंचायत बोरिवली रहे। प्रशासनिक व्यवस्था में प्रशासक अन्वर अब्दुल पिंजारी तथा ग्रामपंचायत अधिकारी गणेश जाधव ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

समारोह में पडघा पुलिस निरीक्षक पंकज गिरी, जिला परिषद के पूर्व बांधकाम सभापति विष्णू चंदे, पूर्व पंचायत समिति उपसभापति मुजीर नाचण, कांग्रेस ग्रामीण के पूर्व अध्यक्ष शरद ठाकरे, उद्यमी साजिद खोत, पडघा पुलिस उपनिरीक्षक सुधरकर तथा पुलिस अधिकारी रुपेश जाधव सहित कई गणमान्य लोग उपस्थित रहे। ग्रामपंचायत सदस्य अकबर अब्दुल्ला खोत, मुसद्दीक मुल्ला, मुजीब कासकर, दिलीप दिवे, अश्विनी कशिवले सहित अन्य सदस्य और कर्मचारी भी समारोह में मौजूद रहे।
तीन माध्यम, एक मंच
उर्दू, मराठी और अंग्रेजी माध्यम के विद्यार्थियों की सामूहिक भागीदारी ने समारोह को विशेष बना दिया। बच्चों ने यह संदेश दिया कि भाषा और शैक्षणिक माध्यम अलग हो सकते हैं, लेकिन राष्ट्र के प्रति भावना और एकता की भावना सभी को एक सूत्र में बांधती है।
इस अवसर पर अतिथियों और आयोजकों ने स्वतंत्रता दिवस के महत्व पर प्रकाश डालते हुए विद्यार्थियों से देश की एकता, अखंडता और भाईचारे को मजबूत करने में सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया।
बोरिवली-पडघा में बच्चों की इस सामूहिक भागीदारी ने यह संदेश दिया कि शिक्षा और नई पीढ़ी सामाजिक बदलाव की मजबूत आधारशिला बन सकती है। स्वतंत्रता दिवस समारोह में तिरंगे के नीचे विभिन्न समुदायों और भाषाई माध्यमों से आए बच्चों का एक साथ खड़ा होना राष्ट्रीय एकता की सकारात्मक तस्वीर पेश करता नजर आया।

