खदानों में जमा पानी में डूबकर आए दिन जा रही लोगो की जाने,सुरक्षा पर उठे सवाल
भिवंडी के नारपोली थाना क्षेत्र से छह दिन से लापता 20 वर्षीय युवक विक्रम पटेल का शव रविवार दोपहर खदान के पास मिलने से इलाके में सनसनी फैल गई। शव मिलने की सूचना के बाद मौके पर पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए आईजीएम (इंदिरा गांधी मेमोरियल) अस्पताल, भिवंडी भेज दिया।पिछले 14 दिनों में पत्थर की खदान में जमा पानी में डूबने से मरने की यह दूसरी घटना है।

पुलिस के अनुसार विक्रम पटेल के परिजनों ने उसके लापता होने के बाद 2 सितंबर को नारपोली पुलिस स्टेशन में मिसिंग कंप्लेंट दर्ज कराई थी। इसके बाद पुलिस और परिजन लगातार उसकी तलाश कर रहे थे। रविवार दोपहर करीब 3 बजे खदान के पास शव पड़े होने की सूचना मिली।प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, खदान के पास से दुर्गंध आने के बाद वहां मौजूद लोगों ने जांच की, तो शव दिखाई दिया।जिसके बाद विक्रम के पिता मौके पर पहुंचे और शव की पहचान अपने बेटे के रूप में की।इसके बाद पुलिस को सूचना दी गई। सूचना मिलते ही नारपोली पुलिस की टीम मौके पर पहुंची और शव को अस्पताल भेजा।विक्रम के पिता ने बताया कि बेटे के लापता होने के बाद उन्होंने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई थी। परिवार के मुताबिक, विक्रम की किसी से दुश्मनी की जानकारी नहीं थी और न ही उन्हें किसी व्यक्ति पर संदेह है। परिवार ने बताया कि विक्रम के घर पर किसी के आने-जाने या किसी संदिग्ध फोन कॉल की भी जानकारी नहीं थी।छह दिनों तक बेटे की तलाश करने के बाद शव मिलने से परिवार में मातम छा गया। फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है। युवक की मौत दुर्घटना, आत्महत्या या किसी अन्य कारण से हुई है, यह पोस्टमार्टम रिपोर्ट और पुलिस जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा।पुलिस खदान और आसपास के सुनसान इलाकों में भी जांच कर रही है। मामले में आगे की कार्रवाई जारी है।इससे पहले 27 अगस्त को कलवा के मनीषा नगर निवासी मनजात पांडे ( 20 ) की कालवार स्थित एक खदान में डूबाने से मौत हो गई थी।मनजीत अपने दोस्तों के साथ फोटो शुूट के लिए गए थे। अचानक नहाने के लिए पानी में उतर गया। उसको तैरना नहीं आता था और पानी में डूबने से उनकी मौत हो गई थी।
खदानें बन रही मौत का कुआं
इससे पहले 27 अगस्त को कालवार खदान में फोटोशूट करने गए 20 साल के मनजीत पांडे की डूबने से मौत हो गई थी। उसे तैरना नहीं आता था।
स्थानीय लोगों का आरोप है कि ठेकेदार पत्थर तोड़कर बड़े-बड़े गड्ढे छोड़ देते हैं, जिनमें पानी भर जाता है। सुरक्षा के कोई इंतजाम नहीं हैं। पिछले 2 साल में आधा दर्जन से ज्यादा लोग खदानों में डूबकर जान गंवा चुके हैं, फिर भी प्रशासन कार्रवाई नहीं कर रहा।

