जैब्रा ब्लाइंड्स के ऑर्डर के बहाने कारोबारी से बैंक और एटीएम की जानकारी लेने का आरोप, तीन खातों में ट्रांसफर की रकम
आदिल नोमानी
भिवंडी। भिवंडी के टेमघर इलाके में रहने वाले एक कारोबारी से भारतीय वायुसेना के अधिकारी होने का कथित दावा कर साइबर ठगी किए जाने का मामला सामने आया है। आरोपियों ने खिड़कियों के पर्दे यानी जैब्रा ब्लाइंड्स का ऑर्डर देने के बहाने कारोबारी से संपर्क किया और भुगतान की प्रक्रिया के दौरान उसके बैंक खाते से 13 लाख 88 हजार 10 रुपये दूसरे खातों में ट्रांसफर कर लिए। शिकायत के आधार पर शांतिनगर पुलिस ने दो आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
पुलिस में दर्ज शिकायत के अनुसार, शिकायतकर्ता अरुण कुमार रामचरित्तर यादव (31) की भिवंडी के दापोडा रोड, वलगांव स्थित पारसनाथ कॉम्प्लेक्स में ‘ए एंड ई इंटरप्राइजेस’ नाम से कंपनी है। 14 अक्टूबर 2026 को दोपहर करीब 3:28 से 4:44 बजे के बीच उनके मोबाइल पर एक व्यक्ति का फोन आया। उसने अपनी पहचान मेजर रणदीप सिंह के रूप में बताई और 35 जैब्रा ब्लाइंड्स बनाने का ऑर्डर देने की बात कही।
शिकायत के मुताबिक, ऑर्डर की कुल कीमत 97,112 रुपये तय हुई। आरोप है कि ऑर्डर तैयार होने के बाद जब कारोबारी ने भुगतान के लिए संपर्क किया, तो फोन करने वाले व्यक्ति ने सामान मुंबई के सांताक्रूज स्थित एयरफोर्स मिलिट्री कैंप में भेजने को कहा। उसने कथित तौर पर बताया कि वहां सामान पहुंचाने के लिए एंट्री पास मेजर कुलदीप सिंह उपलब्ध कराएंगे।
बैंक और एटीएम कार्ड की जानकारी लेकर खाते से निकाले रुपये
पुलिस के अनुसार, इसके बाद दूसरे आरोपी ने कारोबारी से संपर्क किया और भुगतान के नाम पर उसके आईसीआईसीआई बैंक खाते तथा एटीएम कार्ड का नंबर हासिल कर लिया। आरोप है कि बैंक खाते में रकम भेजने में परेशानी होने का बहाना बनाकर आरोपी ने अपना आईडीएफसी बैंक खाता विवरण व्हाट्सऐप पर भेजा और कारोबारी को बातचीत में उलझाए रखा।
इसी दौरान शिकायतकर्ता के बैंक खाते से तीन बैंक खातों में कुल 13,88,010 रुपये ट्रांसफर कर लिए गए। कारोबारी ने आरोप लगाया है कि दोनों व्यक्तियों ने आपसी मिलीभगत से उसे आर्थिक नुकसान पहुंचाया।
शांतिनगर पुलिस स्टेशन में भारतीय न्याय संहिता, 2023 की धारा 318(4) और 3(5) के साथ सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम की धारा 66(सी) और 66(डी) के तहत मामला दर्ज किया गया है।
मामले में रणदीप सिंह और कुलदीप सिंह नाम के दो व्यक्तियों को आरोपी बनाया गया है। पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, मामला दर्ज होने तक किसी आरोपी की गिरफ्तारी नहीं हुई थी। मामले की जांच पुलिस निरीक्षक मल्हारी कोकरे कर रहे हैं।

