बुलेट ट्रेन को 11 लाख, हमें सिर्फ 4 लाख प्रति गुंठा किसानों का आरोप, खेतों तक रास्ता बंद होने का डर
संवाददाता भिवंडी
विरार-अलीबाग मल्टीमॉडल कॉरिडोर के लिए जमीन अधिग्रहण में कम मुआवजा मिलने से नाराज भिवंडी तालुका के किसानों ने मंगलवार को भिवंडी-वसई मार्ग पर खारबाव में चक्का जाम आंदोलन किया।
लगभग दो घंटे चले जाम से भिवंडी-वसई हाईवे पर दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं और भारी ट्रैफिक जाम हो गया।इस दौरान किसानों ने भेदभाव का आरोप लगाते हुए नाराजगी व्यक्त की। किसानों का आरोप है कि इसी इलाके से गुजर रही बुलेट ट्रेन परियोजना के लिए 11 लाख रुपये प्रति गुंठा मुआवजा दिया जा रहा है, जबकि विरार-अलीबाग कॉरिडोर के लिए सिर्फ 4 लाख रुपये प्रति गुंठा दिया जा रहा है।उनका कहना है कॉरिडोर बनने के बाद दूसरी तरफ स्थित खेतों तक जाने के लिए कोई रास्ता नहीं बचेगा।

इधर दीपाली काटे ने कहा एक ही गांव में दो परियोजनाओं के लिए दो अलग-अलग दरें क्यों?संगठन के हर्षल पाटिल ने चेतावनी दी – अगर मांगे नहीं मानी गईं तो यहां का किसान इस परियोजना के लिए एक इंच भी जमीन नहीं देगा। इससे किसानों में भारी आक्रोश है।स्थानीय भूमिपुत्रों और किसानों के इस चक्का जाम आंदोलन में खारबाव के सरपंच महेंद्र पाटिल, वसंत पाटिल, सुमित सुरेश म्हात्रे, हर्षल पाटिल, दीपाली काटे, मनोज म्हात्रे, बाला पाटिल, अशोक पालकर, रमेश कारभारी, सुनील चव्हाण सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण, भूमिपुत्र और महिलाएं शामिल हुईं।
किसानों की मांग
– बुलेट ट्रेन की तरह ही 11 लाख प्रति गुंठा के हिसाब से मुआवजा दिया जाए।
– कॉरिडोर के उस पार खेतों तक जाने के लिए अलग रास्ता, अंडरपास या सर्विस रोड बनाया जाए।

