अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर उठे सवाल, मिलीभगत के आरोपों की जांच की मांग
अब्दुल गनी खान
भिवंडी: भिवंडी निजामपुर शहर महानगरपालिका के प्रभाग समिति क्रमांक-4 में कथित अवैध निर्माण को लेकर सवाल खड़े हो गए हैं। स्थानीय स्तर पर आरोप लगाया जा रहा है कि समरु बाग, कोएले वाले के पीछे, रूबी साइजिंग के बगल में एक निर्माणकर्ता द्वारा नियमों को ताक पर रखकर इमारत का निर्माण किया जा रहा है। बताया जा रहा है कि निर्माण अब तीसरी मंजिल तक पहुंच चुका है।

स्थानीय लोगों के मुताबिक इस निर्माण से संबंधित शिकायतें और चर्चाएं क्षेत्र में लंबे समय से चल रही हैं, लेकिन इसके बावजूद मनपा प्रशासन की ओर से प्रभावी कार्रवाई दिखाई नहीं दे रही है। आरोप है कि निर्माणकर्ता शईद मलिक और उबैद खान उर्फ राजू से संबंधित इस निर्माण पर अब तक ठोस कार्रवाई नहीं हुई है।
अधिकारी बेखबर या कार्रवाई से परहेज?
सबसे बड़ा सवाल यह है कि प्रभाग समिति-4 के क्षेत्र में कथित तौर पर इतना बड़ा निर्माण कार्य चलने के बावजूद मनपा के संबंधित अधिकारियों को इसकी जानकारी क्यों नहीं हुई? स्थानीय लोगों ने मनपा के उपायुक्त विक्रम दडारे की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाते हुए पूरे मामले की जांच की मांग की है।
वहीं, सवाल प्रभाग समिति-4 के सहायक आयुक्त अरविंद गुगरे और संबंधित बीट निरीक्षक आमूल की भूमिका को लेकर भी उठ रहे हैं। स्थानीय स्तर पर इन अधिकारियों और निर्माणकर्ताओं के बीच कथित सांठगांठ के आरोप लगाए जा रहे हैं। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
तीसरी मंजिल तक निर्माण, फिर भी कार्रवाई क्यों नहीं?
नियमों के विपरीत निर्माण होने का आरोप सही है तो सवाल यह है कि समय रहते इसे रोका क्यों नहीं गया? क्या संबंधित विभाग के कर्मचारियों ने मौके का निरीक्षण किया? यदि किया, तो कार्रवाई क्यों नहीं हुई? और यदि निरीक्षण नहीं हुआ, तो क्षेत्र में चल रहे निर्माण कार्यों की निगरानी कौन कर रहा है?
स्थानीय नागरिकों का कहना है कि मनपा प्रशासन को पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर मौके का निरीक्षण करना चाहिए, निर्माण की अनुमति और मंजूर नक्शे की जांच करनी चाहिए तथा यदि निर्माण अवैध पाया जाता है तो नियमानुसार तत्काल कार्रवाई करनी चाहिए।
अब देखना यह है कि भिवंडी मनपा प्रशासन इन गंभीर आरोपों पर क्या कार्रवाई करता है और कथित अवैध निर्माण के मामले में जिम्मेदार अधिकारियों तथा निर्माणकर्ताओं की भूमिका की जांच कब शुरू होती है।

