प्रभाग समिति-2 की चेयरमैन तबस्सुम मिर्जा ने प्रशासनिक अधिकारी पर लगाए गंभीर आरोप, ACB जांच की मांग
अब्दुल गनी खान
भिवंडी: भिवंडी निजामपुर शहर महानगरपालिका के शिक्षा विभाग में कथित भ्रष्टाचार और नियुक्ति संबंधी अनियमितताओं को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। प्रभाग समिति क्रमांक-2 की चेयरमैन तबस्सुम ज़ाकिर मिर्जा ने महानगरपालिका प्रशासन से मामले की उच्चस्तरीय जांच कराने और संबंधित प्रशासनिक अधिकारी सौदागर अनिरुद्ध शिखरे को पद से हटाने की मांग की है।
चेयरमैन की ओर से महानगरपालिका आयुक्त से मांगी गई जानकारी और दस्तावेजों के आधार पर आरोप लगाया गया है कि वर्ष 2021 में 11 स्कूलों के शिक्षकों के वेतन बकाया (एरियर्स) मंजूर करने के बदले कथित तौर पर प्रति शिक्षक एक लाख रुपये की मांग की गई थी। शिकायत में दावा किया गया है कि इस संबंध में ऑडियो रिकॉर्डिंग और शिक्षकों के शपथपत्र महानगरपालिका के रिकॉर्ड में मौजूद हैं।

शिकायत में प्रशासनिक अधिकारी की नियुक्ति और योग्यता को लेकर भी सवाल उठाए गए हैं। आरोप है कि संबंधित व्यक्ति की नियुक्ति नियमित प्रतियोगी परीक्षा के बजाय इंटरव्यू के आधार पर हुई थी और उसके पास सरकारी सेवा से संबंधित कुछ आवश्यक दस्तावेज और मंजूरियां उपलब्ध नहीं हैं। शालार्थ आईडी और इंडिविजुअल अप्रूवल को लेकर भी सवाल उठाए गए हैं।
शिकायतकर्ता का आरोप है कि प्रशासनिक अधिकारी पद के लिए अनुभव संबंधी नियमों में कथित तौर पर बदलाव किया गया और अनुभव की शर्त पांच वर्ष से घटाकर तीन वर्ष कर दी गई। यह भी आरोप लगाया गया है कि डीपीसी के समक्ष अधूरी सर्विस फाइल पेश की गई तथा कुछ महत्वपूर्ण शिकायतों को समिति के सामने नहीं रखा गया।
चेयरमैन तबस्सुम मिर्जा ने महानगरपालिका आयुक्त से मामले की निष्पक्ष जांच कराने, संबंधित अधिकारी को तत्काल निलंबित करने और एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) के माध्यम से जांच कराने की मांग की है।
उन्होंने इस संबंध में महाराष्ट्र के शिक्षा मंत्री, शिक्षा एवं खेल विभाग के प्रधान सचिव, नगर विकास विभाग के प्रधान सचिव और पुणे के शिक्षा संचालक को भी शिकायत भेजी है। शिकायत में पूरे मामले की उच्चस्तरीय जांच कर दोषी पाए जाने वाले लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की गई है।
हालांकि, संबंधित अधिकारी सौदागर अनिरुद्ध शिखरे का इस मामले में पक्ष सामने नहीं आया है। आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि भी अभी नहीं हुई है। अब जांच के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि शिकायत में लगाए गए आरोपों में कितनी सच्चाई है।

