एक तरफ नशामुक्ति अभियान, दूसरी ओर देर रात तक हुक्के का धुआं! स्थानीय लोगों ने पुलिस की कार्रवाई पर उठाए सवाल
भिवंडी: भिवंडी शहर में नशे के खिलाफ पुलिस की कार्रवाई और नशामुक्ति अभियान के बीच कुछ स्थानों पर कथित रूप से देर रात तक हुक्का पार्लर संचालित होने की शिकायतें सामने आ रही हैं। स्थानीय लोगों का आरोप है कि पुलिस की ओर से समय-समय पर छापेमारी किए जाने के बावजूद कुछ जगहों पर फिर से हुक्का पार्लर शुरू हो जाते हैं।
स्थानीय स्तर पर जिन स्थानों के नाम सामने आ रहे हैं, उनमें अक्षय विलास अहेरे उर्फ घारिया कणैरी; सलीम मालवरी डायमंड होटल के सामने खदान रोड;
अरविंद फुले नगर खदान रोड; तथा पद्मा नगर में गणेश टॉकीज के पास कथित रूप से संचालित ‘ताई का हुक्का’ शामिल हैं। हालांकि, इन स्थानों पर हुक्का पार्लर चलने संबंधी आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि होना अभी बाकी है।
नशामुक्ति अभियान के बीच उठे सवाल
स्थानीय नागरिकों का कहना है कि एक ओर पुलिस उपायुक्त, परिमंडल-2 के प्रयासों से नशे के खिलाफ अभियान चलाया जा रहा है, वहीं दूसरी ओर भिवंडी शहर पुलिस स्टेशन की सीमा में कथित तौर पर देर रात तक हुक्का पार्लर चलने की शिकायतें सामने आना चिंता का विषय है।
लोगों का आरोप है कि ऐसे ठिकानों पर युवाओं की आवाजाही बढ़ रही है और यदि नियमों का उल्लंघन हो रहा है तो संबंधित विभाग को सख्त कार्रवाई करनी चाहिए। खासकर देर रात तक ऐसे प्रतिष्ठानों के संचालन को लेकर स्थानीय निवासियों ने पुलिस प्रशासन से निगरानी बढ़ाने की मांग की है।
छापेमारी के बाद फिर कैसे शुरू हो जाता है कारोबार?
सबसे बड़ा सवाल यही है कि यदि किसी स्थान पर नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर पुलिस कार्रवाई करती है, तो उसके बाद वही गतिविधियां दोबारा शुरू होने की शिकायतें क्यों सामने आती हैं? क्या कार्रवाई केवल छापेमारी तक सीमित रह जाती है या उसके बाद भी नियमित निगरानी की जाती है?

स्थानीय नागरिकों ने मांग की है कि पुलिस और संबंधित प्रशासन इन शिकायतों की निष्पक्ष जांच कराकर दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई करे। साथ ही यह भी स्पष्ट किया जाए कि जिन स्थानों के नाम शिकायतों में सामने आए हैं, वहां हुक्का पार्लर संचालन के लिए कोई वैध अनुमति है या नहीं।
अब निगाह इस बात पर है कि इन शिकायतों को लेकर भिवंडी शहर पुलिस और संबंधित प्रशासन क्या कार्रवाई करता है।

