भिवंडी में ओबीसी महासंघ सख्त, सरकार को सौंपा मांग पत्र – आंदोलन की चेतावनी

भिवंडी


अब्दुल गनी खान
भिवंडी ओबीसी समाज के अधिकारों और लंबित मुद्दों को लेकर राष्ट्रीय ओबीसी महासंघ ने महाराष्ट्र सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। गुरुवार को महासंघ की भिवंडी इकाई ने एक विस्तृत मांग पत्र भिवंडी प्रांत अधिकारी को सौंपते हुए साफ चेतावनी दी कि यदि मांगें पूरी नहीं की गईं तो राज्यव्यापी आंदोलन शुरू किया जाएगा।

मांग पत्र में स्पष्ट कहा गया है कि मराठा आरक्षण के नाम पर ओबीसी समाज का आरक्षण किसी भी सूरत में कम नहीं किया जाना चाहिए। महासंघ का कहना है कि ओबीसी समाज पहले ही सामाजिक और शैक्षणिक रूप से पिछड़ा है, ऐसे में उनके आरक्षण अधिकार से किसी प्रकार की छेड़छाड़ स्वीकार नहीं होगी।

संगठन ने कई प्रमुख मुद्दे उठाए। इनमें ओबीसी विद्यार्थियों के लिए विशेष छात्रवृत्ति योजना,गरीब परिवारों को 100 यूनिट तक बिजली बिल माफ करने,बारिश से प्रभावित किसानों को नुकसान की भरपाई,आर्थिक रूप से कमजोर विद्यार्थियों हेतु छात्रावास निर्माण,
युवाओं को स्वरोजगार के लिए 1,000 करोड़ रुपये का विशेष कोष,
शैक्षणिक संस्थानों में आरक्षण का सख्ती से पालन,मेडिकल व इंजीनियरिंग में अलग सीटें,
म्हाडा व सिडको की आवासीय योजनाओं में आरक्षण,शहर व तालुका स्तर पर पुस्तकालय निर्माण,डॉ. पंजाबराव देशमुख के नाम पर समाजसेवक पुरस्कार,
तथा एससी-एसटी की तर्ज पर राज्यस्तरीय योजना लागू करने की मांग शामिल है।भिवंडी प्रांत कार्यालय के बाहर हुए एक दिवसीय धरने में महासंघ के नेता भगवान ठाकुर के नेतृत्व में बड़ी संख्या में कार्यकर्ता और स्थानीय नागरिक शामिल हुए। धरने में पूर्व विधायक रूपेश दादा म्हात्रे, विश्वास थले, डॉ. सोन्या काशीनाथ पाटिल, मनोज गंगे, यशवंत सोरे, रमेश देवेकर, विशू भाऊ म्हात्रे, सुनील बाबू पाटिल, शोभा सुधाकर म्हात्रे, नांदिनी जनार्दन चौधरी, संदिप मनोहर पाटिल, मनोहर तरे समेत कई पदाधिकारी और सामाजिक कार्यकर्ता मौजूद रहे।

धरने के दौरान जमकर नारेबाजी हुई और अंत में हस्ताक्षरित ज्ञापन प्रांत अधिकारी को सौंपा गया। नेताओं ने आरोप लगाया कि पिछले पांच वर्षों में ओबीसी समाज की लगातार अनदेखी हुई है। सरकार केवल घोषणाओं तक सीमित रही, जबकि योजनाओं का लाभ समाज तक नहीं पहुंचा।

महासंघ ने चेतावनी दी है कि 30 अगस्त से नागपुर में “साखली उपोषण” शुरू हो चुका है। यदि सरकार ने ठोस निर्णय नहीं लिया तो राज्यभर में उग्र आंदोलन किया जाएगा।

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