जनगणना और चुनाव ड्यूटी में जान गंवाने वाले शिक्षकों के लिए 50 लाख मुआवजे की मांग

भिवंडी

अब्दुल गनी खान
भिवंडी: जनगणना, चुनाव और मतदाता पंजीकरण कार्यों के दौरान शिक्षकों एवं गैर-शिक्षण कर्मचारियों पर बढ़ते कार्यभार और मानसिक दबाव के मुद्दे को लेकर महाराष्ट्र राज्य शिक्षा क्रांति संगठन ने सरकार का ध्यान आकर्षित किया है। संगठन ने ठाणे जिलाधिकारी के माध्यम से मुख्य जनगणना अधिकारी और मुख्य निर्वाचन अधिकारी को ज्ञापन सौंपकर मृतक कर्मचारियों के परिवारों के लिए आर्थिक सहायता और अन्य सुविधाओं की मांग की है।

ज्ञापन में कहा गया है कि जनगणना, चुनाव तथा बीएलओ (बूथ लेवल ऑफिसर) जैसे गैर-शैक्षणिक कार्यों के कारण शिक्षकों और कर्मचारियों पर अत्यधिक मानसिक तनाव पड़ रहा है। संगठन ने आरोप लगाया कि कई मामलों में वरिष्ठ अधिकारियों के दबाव और लगातार बढ़ते कार्यभार के कारण कर्मचारियों को गंभीर मानसिक परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

संगठन ने जनगणना और चुनावी कार्यों के दौरान दिवंगत हुई शिक्षिका दीपाली तांबे सहित कोल्हापुर के भगवान पाटिल, सांगोला के राजाराम धोले और लातूर के सुंदरम वांगस्कर के मामलों का उल्लेख करते हुए उनके परिवारों को न्याय दिलाने की मांग उठाई है।

ज्ञापन में प्रत्येक दिवंगत शिक्षक और कर्मचारी के परिवार को कम से कम 50 लाख रुपये की आर्थिक सहायता, अनुकंपा नियुक्ति, व्यापक बीमा सुरक्षा तथा शिक्षकों को अतिरिक्त गैर-शैक्षणिक कार्यों से मुक्त करने की मांग की गई है। साथ ही, अधिकारियों द्वारा कर्मचारियों पर डाले जाने वाले अनावश्यक मानसिक दबाव को रोकने के लिए ठोस नीति बनाने की भी मांग की गई है।

महाराष्ट्र राज्य शिक्षा क्रांति संगठन ने चेतावनी दी है कि यदि मांगों पर शीघ्र सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया तो पूरे राज्य में लोकतांत्रिक तरीके से व्यापक आंदोलन छेड़ा जाएगा।

इस अवसर पर संगठन के प्रदेश अध्यक्ष सुधीर घागास, प्रदेश कार्यकारी अधिकारी राजेंद्र गावळी, कोंकण मंडल कार्यकारी अधिकारी ज्ञानेश्वर गोसावी, प्रदेश कार्यकारी सदस्य संदीप कालेकर, राहुल पाटिल तथा लाहू केदार सहित अन्य पदाधिकारी उपस्थित रहे।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *