हाथभट्टी शराब को वैध किया जाए, सरकार को मिलेगा राजस्व और बचेंगी जानें،،،रामदास आठवले

भिवंडी

अब्दुल गनी खान
भिवंडी: केंद्रीय राज्य मंत्री रामदास आठवले ने हाथभट्टी शराब को लेकर बड़ा बयान देते हुए कहा है कि इसे सरकार द्वारा वैध कर नियंत्रण में लाया जाना चाहिए। उनके अनुसार इससे न केवल गरीब मजदूर वर्ग के लिए शराब सस्ती और सुरक्षित होगी, बल्कि सरकार को राजस्व भी प्राप्त होगा और जहरीली शराब से होने वाली मौतों पर रोक लग सकेगी।

पुणे में जहरीली शराब से हुई मौतों का जिक्र करते हुए आठवले ने कहा कि रोज कमाने-खाने वाला वर्ग ही अधिकतर हाथभट्टी शराब का सेवन करता है। उन्होंने कहा कि यदि इस पर सरकारी नियंत्रण हो तो गुणवत्ता सुनिश्चित की जा सकती है और अनियंत्रित उत्पादन पर रोक लगाई जा सकती है। हालांकि उन्होंने स्पष्ट किया कि यह उनका व्यक्तिगत मत है।

रामदास आठवले सोमवार को भिवंडी तालुका के बापगांव में एक निजी कार्यक्रम में शामिल होने आए थे। इसके बाद उन्होंने आरपीआई शहर अध्यक्ष महेंद्र गायकवाड के कार्यालय का दौरा किया, जहां देर रात पत्रकार वार्ता का आयोजन किया गया। इस अवसर पर कई राजनीतिक और सामाजिक पदाधिकारी उपस्थित थे।

पत्रकार वार्ता में मराठा आरक्षण को लेकर भी उन्होंने अपनी राय रखी। उन्होंने कहा कि आरपीआई शुरू से ही मराठा आरक्षण आंदोलन का समर्थन करती रही है। उन्होंने कहा कि जिनके रिकॉर्ड में ‘कुणबी’ दर्ज है, उन्हें ओबीसी प्रमाणपत्र दिया जाना चाहिए, लेकिन पूरे मराठा समाज को सीधे ओबीसी में शामिल करना उचित नहीं होगा।

उन्होंने सुझाव दिया कि मराठा समाज को आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (EWS) के तहत 10 प्रतिशत आरक्षण का लाभ दिया जा सकता है। उन्होंने यह भी कहा कि जनगणना के बाद समाज की वास्तविक स्थिति स्पष्ट होगी और उसी के आधार पर आरक्षण पर निर्णय होना चाहिए।

आठवले ने यह भी कहा कि आरक्षण में किसी भी समाज के साथ अन्याय नहीं होना चाहिए और प्रतिनिधित्व अनुपात के आधार पर तय होना चाहिए। उन्होंने मातंग समाज का जिक्र करते हुए कहा कि आज भी ग्रामीण क्षेत्रों में जातीय भेदभाव की घटनाएं देखने को मिलती हैं, जिसे पूरी तरह समाप्त करने की जरूरत है।

उन्होंने कहा कि यदि समाज से जाति व्यवस्था पूरी तरह खत्म हो जाती है, तो वे स्वयं भी आरक्षण छोड़ने के लिए तैयार हैं।

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