30 साल पुरानी लक्ष्मण नगर बस्ती पर रेलवे की कार्रवाई, पुनर्वसन की मांग तेज ।।
भिवंडी ।। भिवंडी शहर की सीमा से गुजर रही दिवा-वसई रेलवे लाइन के अंजुरफाटा क्षेत्र स्थित रहनाळ ग्राम पंचायत हद की लक्ष्मण नगर झोपड़पट्टी पर बुधवार को मध्य रेलवे प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई करते हुए 258 झोपड़ियों को ध्वस्त कर दिया। रेलवे प्रशासन की ओर से जेसीबी मशीनों की मदद से चलाए गए इस अभियान के दौरान भारी पुलिस बंदोबस्त तैनात किया गया था। प्रशासन का कहना है कि रेलवे की जमीन पर लंबे समय से अतिक्रमण किया गया था, जिसे हटाने की कार्रवाई की गई है।

स्थानीय लोगों के अनुसार लक्ष्मण नगर बस्ती पिछले करीब 30 वर्षों से यहां बसी हुई थी और यहां रहने वाले परिवारों को ग्राम पंचायत की ओर से बिजली, पानी सहित अन्य मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराई गई थीं। इलाके में आंगनवाड़ी भी संचालित की जा रही थी। कार्रवाई के बाद बड़ी संख्या में महिलाएं, बच्चे और बुजुर्ग खुले आसमान के नीचे आ गए। प्रभावित लोगों का आरोप है कि उन्हें स्थायी पुनर्वसन दिए बिना अचानक बेघर कर दिया गया। एक पीड़ित महिला ने कहा कि “हम लोग वर्षों से यहां रह रहे थे। बच्चों की पढ़ाई और रोजी-रोटी सब यहीं से जुड़ी थी। अब हमारे पास रहने के लिए कोई जगह नहीं बची है। वहीं एक अन्य निवासी ने कहा कि अगर हटाना ही था तो पहले रहने की वैकल्पिक व्यवस्था करनी चाहिए थी।

पूर्व सरपंच राजेंद्र भोईर ने रेलवे प्रशासन की कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए कहा कि बड़ी संख्या में आदिवासी और भटक्या समाज के परिवार इस बस्ती में रहते थे। उन्होंने मांग की कि जब तक सभी प्रभावित परिवारों का उचित पुनर्वसन नहीं किया जाता, तब तक इस तरह की कार्रवाई पर रोक लगाई जानी चाहिए। भोईर ने कहा कि गरीब परिवारों को सीधे सड़क पर लाना इंसाफ नहीं है। सरकार और रेलवे प्रशासन को मानवीय दृष्टिकोण अपनाकर पुनर्वसन की व्यवस्था करनी चाहिए।

