अब्दुल गनी खान
भिवंडी: तालुका के बापगांव, देवरुंग और देवरुंगपाड़ा क्षेत्र में स्थित छत्रपति शिवाजी महाराज खेल मैदान और रामकृष्णहरि गोशाला को प्रस्तावित बाजार परियोजना से बचाने की मांग जोर पकड़ रही है। इस मुद्दे को लेकर शिवस्वराज्य संघर्ष संस्था के पदाधिकारियों ने मंगलवार को मुंबई में मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस से मुलाकात कर विस्तृत ज्ञापन सौंपा।

यह ज्ञापन डी. वाय. फाउंडेशन के संस्थापक दयानंद चोरघे के नेतृत्व में सौंपा गया। इस दौरान संस्था के अध्यक्ष देवराज महाराज केणे, पदाधिकारी देवदास केणे, भूषण केणे, अजिंक्य केणे सहित कई कार्यकर्ता उपस्थित थे।
जानकारी के अनुसार, संबंधित भूमि को विपणन महामंडल के लिए आरक्षित किया गया है, जहां एक बड़े बाजार के निर्माण की योजना प्रस्तावित है। हालांकि स्थानीय नागरिकों और संस्था का कहना है कि इस परियोजना से क्षेत्र के सामाजिक, सांस्कृतिक और ऐतिहासिक महत्व वाले स्थलों पर गंभीर असर पड़ सकता है।
ज्ञापन में विशेष रूप से उल्लेख किया गया है कि छत्रपति शिवाजी महाराज खेल मैदान क्षेत्र के युवाओं के लिए खेल, सांस्कृतिक गतिविधियों और सार्वजनिक आयोजनों का प्रमुख केंद्र है। वहीं रामकृष्णहरि गोशाला धार्मिक और गोवंश संरक्षण से जुड़ी महत्वपूर्ण संस्था के रूप में वर्षों से कार्यरत है।
संस्था ने मांग की है कि इन दोनों स्थलों को संरक्षित रखा जाए और किसी भी स्थिति में इनके अस्तित्व को नुकसान न पहुंचे। साथ ही दयानंद चोरघे ने यह भी आग्रह किया कि वर्षों से इस क्षेत्र में रह रहे स्थानीय ग्रामीणों और आदिवासी समुदाय की बस्तियों को किसी भी प्रकार की बेदखली या नुकसान का सामना न करना पड़े।
स्थानीय स्तर पर इस मुद्दे को लेकर चिंता बढ़ती जा रही है, जबकि अब सभी की नजरें सरकार के आगामी निर्णय पर टिकी हैं।

