महापौर के दावे पर उठे सवाल, नगरसेवकों और नागरिकों में नाराजगी
अब्दुल गनी खान
मानसून दस्तक देने को तैयार है, लेकिन भिवंडी में नाला और गटर सफाई का काम अब भी कछुआ चाल से चल रहा है। मनपा प्रशासन की ओर से नियुक्त ठेकेदारों द्वारा सफाई कार्य में बरती जा रही लापरवाही को लेकर जनप्रतिनिधियों और नागरिकों में नाराजगी बढ़ती जा रही है। लोगों का कहना है कि यदि समय रहते सफाई पूरी नहीं हुई तो बारिश के दौरान शहर के कई हिस्सों में जलभराव और बाढ़ जैसी स्थिति पैदा हो सकती है।

मनपा स्वास्थ्य विभाग के अनुसार अब तक केवल 30 से 40 प्रतिशत नालों की ही सफाई हो सकी है। जबकि मानसून शुरू होने में अब ज्यादा समय नहीं बचा है। इस स्थिति पर प्रभाग समिति क्रमांक-5 के सभापति एडवोकेट वैभव भोईर ने गहरी चिंता जताई है। उन्होंने कहा कि उनके क्षेत्र से होकर गुजरने वाले अधिकांश नाले खाड़ी में मिलते हैं। यदि इनकी समय पर सफाई नहीं हुई तो कई इलाकों में पानी जमा होने से नागरिकों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ सकता है।

भोईर ने आरोप लगाया कि हर साल की तरह इस बार भी ठेकेदार बारिश का इंतजार कर रहे हैं, ताकि बहते पानी के साथ कचरा निकल जाए और कार्य पूरा दिखाकर भुगतान हासिल किया जा सके। उन्होंने कहा कि महापौर नारायण चौधरी ने मानसून से पहले नाला सफाई पूरी कराने का आश्वासन दिया था, लेकिन जमीनी हकीकत इससे अलग नजर आ रही है। उन्होंने मांग की कि सफाई कार्य में तेजी लाई जाए और संतोषजनक काम नहीं करने वाले ठेकेदारों का भुगतान रोका जाए।
इससे पहले प्रभाग समिति क्रमांक-2 के सभापति भी निरीक्षण के दौरान सफाई कार्य की धीमी गति और अनियमितताओं पर नाराजगी जता चुके हैं। नागरिकों का कहना है कि पिछले तीन वर्षों में नाला सफाई को लेकर लगातार विवाद होते रहे हैं। अब जनप्रतिनिधियों के चुने जाने के बाद लोगों को व्यवस्था में सुधार की उम्मीद थी, लेकिन मौजूदा हालात चिंता बढ़ाने वाले हैं।
2.44 करोड़ रुपये में दिया गया नाला सफाई का ठेका
मनपा स्वास्थ्य विभाग ने इस वर्ष नाला और गटर सफाई के लिए करीब 2.44 करोड़ रुपये का ठेका तीन अलग-अलग कंपनियों को दिया है। प्रभाग समिति-1 और 3 का कार्य सुजीत बालासाहब खरात को, प्रभाग समिति-2 और 5 का कार्य चंडिका कंस्ट्रक्शन को तथा प्रभाग समिति-4 का कार्य मेसर्स बुबेरे एंड एसोसिएट्स को सौंपा गया है। वहीं मुख्य सड़कों के गटरों की सफाई का ठेका उल्हासनगर की राहुल इंटरप्राइजेस को दिया गया है।
विभागीय जानकारी के अनुसार सफाई कार्य 11 मई से शुरू किया गया है और इसे 45 दिनों में पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। इसके लिए कुल 14,798 मजदूरों की आवश्यकता बताई गई है। हालांकि 15 दिन बीतने के बाद भी 30 प्रतिशत से कम कार्य पूरा होने से लक्ष्य पर सवाल उठने लगे हैं।
मनपा के रिकॉर्ड के अनुसार शहर के पांचों प्रभागों में कुल 133 नाले हैं, जिनकी कुल लंबाई 50,269 मीटर है। इसके अलावा मुख्य सड़कों के गटरों की लंबाई 44,640 मीटर है।
नाला सफाई की धीमी गति और उससे जुड़ी समस्याओं को लेकर मनपा आयुक्त अनमोल सागर से संपर्क करने का प्रयास किया गया, लेकिन उनसे बात नहीं हो सकी। वहीं उपायुक्त विक्रम दराडे ने सफाई कार्य संतोषजनक तरीके से चलने का दावा करते हुए किसी भी तरह की लापरवाही से इनकार किया

