अब्दुल गनी खान
भिवंडी,मानसून से पहले संभावित हादसों को रोकने के लिए भिवंडी महानगरपालिका प्रशासन ने जर्जर और खतरनाक इमारतों के खिलाफ सख्त अभियान शुरू कर दिया है। इसी क्रम में प्रभाग समिति क्रमांक-2 के अंतर्गत पिरानी पाड़ा, नदिया पार क्षेत्र में स्थित एक खतरनाक घोषित इमारत के सात जल कनेक्शन काट दिए गए, जिससे इलाके में हड़कंप मच गया।
जानकारी के अनुसार, घर क्रमांक 1921/0 स्थित इस इमारत को पहले ही मनपा द्वारा असुरक्षित और खतरनाक श्रेणी में घोषित किया जा चुका था। इसके बावजूद यहां लोग रह रहे थे और अवैध रूप से पानी की सुविधा का उपयोग कर रहे थे, जिससे किसी भी समय गंभीर हादसे की आशंका बनी हुई थी।
पुलिस की मौजूदगी में कार्रवाई
मनपा प्रशासन ने पहले चरण में भवन की जलापूर्ति बंद करने का निर्णय लिया। इसके बाद वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देश पर शांतिनगर पुलिस की मौजूदगी में कार्रवाई की गई। इस दौरान प्रभाग समिति क्रमांक-2 की अतिक्रमण हटाओ टीम, जलापूर्ति विभाग और अन्य कर्मचारियों ने मौके पर पहुंचकर इमारत से जुड़े सात अवैध नल कनेक्शनों को काट दिया।
अधिकारियों ने बताया कि यह कार्रवाई पूरी तरह सुरक्षा दृष्टिकोण से की गई है, ताकि मानसून के दौरान किसी भी तरह की दुर्घटना से बचा जा सके।
जर्जर इमारतों पर लगातार कार्रवाई जारी
मनपा अधिकारियों ने कहा कि बारिश के मौसम में जर्जर इमारतों के गिरने की घटनाओं का खतरा बढ़ जाता है। ऐसे में नागरिकों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए खतरनाक घोषित भवनों के खिलाफ लगातार अभियान चलाया जा रहा है।
प्रशासन ने स्पष्ट किया कि जिन इमारतों को असुरक्षित घोषित किया गया है, वहां रहने वाले लोगों को जल्द से जल्द वैकल्पिक व्यवस्था कर भवन खाली करने की सलाह दी जा रही है।
आगे और तेज होगा अभियान
भिवंडी मनपा ने संकेत दिया है कि आने वाले दिनों में भी इस तरह की खतरनाक इमारतों के खिलाफ कार्रवाई और तेज की जाएगी। प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि वे अपनी सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए जर्जर भवनों को तुरंत खाली करें और मनपा के साथ सहयोग करें।
इस कार्रवाई के बाद स्थानीय क्षेत्र में चर्चा का माहौल बना हुआ है, जबकि लोग इसे प्रशासन की सख्त लेकिन जरूरी कदम के रूप में देख रहे हैं।

