शिक्षा व्यवस्था में भ्रष्टाचार के खिलाफ श्रमजीवी संगठन का प्रदर्शन, छात्रों ने तहसील कार्यालय के सामने की नारेबाजी

भिवंडी

NEET और TET पेपर लीक मामले में पारदर्शिता की मांग, आदिवासी और प्रवासी मजदूरों के बच्चों को शिक्षा उपलब्ध कराने की भी उठी आवाज

अब्दुल गनी खान
भिवंडी: शिक्षा व्यवस्था में कथित भ्रष्टाचार और विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं के पेपर लीक के विरोध में श्रमजीवी संगठन के कार्यकर्ताओं ने विद्यार्थियों के साथ मिलकर भिवंडी तहसील कार्यालय के सामने प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं और छात्रों ने जोरदार नारेबाजी करते हुए शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने की मांग की।


प्रदर्शनकारियों का कहना था कि NEET और TET जैसी महत्वपूर्ण परीक्षाओं के पेपर लीक होने की घटनाओं ने शिक्षा व्यवस्था में व्याप्त भ्रष्टाचार को उजागर किया है। इससे विद्यार्थियों के भविष्य पर गंभीर असर पड़ रहा है। उनका कहना था कि शिक्षा का अधिकार मौलिक अधिकार होने के बावजूद आज भी आदिवासी कातकरी समुदाय और प्रवासी खेत मजदूरों के अनेक बच्चे शिक्षा से वंचित हैं।
श्रमजीवी संगठन ने आरोप लगाया कि स्कूलों में विद्यार्थियों के ड्रॉपआउट की संख्या लगातार बढ़ रही है। वहीं, विभिन्न परीक्षाओं में पेपर लीक की घटनाओं के कारण मेहनत करने वाले छात्रों के साथ अन्याय हो रहा है। संगठन ने प्रतियोगी परीक्षाओं की व्यवस्था को पूरी तरह पारदर्शी और भ्रष्टाचार मुक्त बनाने की मांग की।
प्रदर्शन के बाद तहसीलदार कार्यालय में ज्ञापन सौंपकर मांग की गई कि NEET समेत सभी प्रतियोगी परीक्षाओं में पूर्ण पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित की जाए। इसके अलावा प्रत्येक विद्यार्थी को 12वीं कक्षा तक स्थानीय स्तर पर शिक्षा की सुविधा उपलब्ध कराने तथा आदिवासी और दुर्गम क्षेत्रों में उच्च माध्यमिक विद्यालय शुरू करने की भी मांग की गई।
प्रदर्शनकारियों ने कहा कि शिक्षा से वंचित बच्चों को मुख्यधारा में लाने के लिए सरकार को ठोस कदम उठाने चाहिए। साथ ही परीक्षा व्यवस्था में किसी भी प्रकार की अनियमितता को रोकने के लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए।

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