पूर्व सभागृह नेता समेत सामाजिक कार्यकर्ताओं ने की संबंधित अधिकारियों के निलंबन की मांग
विशेष संवाददाता
भिवंडी मनपा प्रभाग क्रमांक 1 में राजनीतिक दबाव और न्यायालय के स्थगन आदेश की अवहेलना कर तोड़क कार्रवाई किए जाने का मामला सामने आया है। इस कार्रवाई के विरोध में पूर्व सभागृह नेता विकास निकम के नेतृत्व में पूर्व महापौर, पूर्व नगरसेवक और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने सोमवार को महानगरपालिका मुख्यालय के मुख्य प्रवेशद्वार के सामने एक दिवसीय धरना आंदोलन किया। आंदोलनकारियों ने संबंधित अधिकारियों के खिलाफ जमकर नारेबाजी करते हुए उनके निलंबन की मांग की।

आंदोलनकारियों का आरोप था कि महानगरपालिका प्रभाग क्रमांक 1 के सहायक आयुक्त समीर जावरे तथा दो बीट निरीक्षक रमाकांत म्हात्रे और रविंद्र जाधव ने कथित रूप से आपसी मिलीभगत और राजनीतिक संरक्षण के चलते निजामपुरा सर्वे नंबर 95 के अंतर्गत सिटी सर्वे नंबर 4326 स्थित मकान नंबर 54 और 58 समेत करीब आठ घरों पर 15 जुलाई को तोड़क कार्रवाई की थी। आरोप है कि संबंधित संपत्तियों के मामले में भिवंडी न्यायालय द्वारा तोड़क कार्रवाई पर स्थगन आदेश जारी किया गया था, इसके बावजूद कार्रवाई की गई।पूर्व सभागृह नेता विकास निकम ने कहा कि न्यायालय के स्थगन आदेश के बावजूद चाविंद्रा क्षेत्र में कई घरों को जबरन तोड़े गए है। उन्होंने कहा कि इस कार्रवाई से कई परिवार प्रभावित हुए हैं और उन्हें न्याय दिलाने के लिए यह आंदोलन किया जा रहा है।

निकम ने संबंधित अधिकारियों को तत्काल निलंबित करने की मांग करते हुए चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन को और अधिक उग्र किया जाएगा।आंदोलनकारियों ने महानगरपालिका प्रशासन से भ्रष्टाचार और कथित अनियमितताओं पर गंभीरता से ध्यान देने तथा नागरिकों को पारदर्शी प्रशासन उपलब्ध कराने की मांग की। उन्होंने चेतावनी दी कि मांगें पूरी नहीं होने पर भविष्य में व्यापक और तीव्र आंदोलन किया जाएगा।धरना आंदोलन को देखते हुए किसी भी अप्रिय घटना को रोकने के लिए महानगरपालिका मुख्यालय परिसर में पुलिस का भारी बंदोबस्त तैनात किया गया था।धरना आंदोलन में पूर्व महापौर अहमद सिद्दीकी, सपा नेता रियाज़ शेख,पूर्व नगरसेवक मतलूब सरदार, समाजवादी भिवंडी शहराध्यक्ष अनस अंसारी, कॉ. विजय कांबले, इंजीनियर सुरेश पाटील, सामाजिक कार्यकर्ता हमीद शेख समेत बड़ी संख्या में कार्यकर्ता और नागरिक मौजूद रहे।

