भिवंडी में मटमैले पानी की सप्लाई से बढ़ी चिंता, मनपा ने उबालकर पानी पीने की दी सलाह

भिवंडी

अब्दुल गनी खान
भिवंडी: लगातार हो रही बारिश के बीच भिवंडी शहर में गंदे और मटमैले पानी की आपूर्ति ने लोगों की चिंता बढ़ा दी है। शहर के कई इलाकों में नलों से पीले रंग का, बदबूयुक्त और मिट्टी-मलबे से युक्त पानी आने की शिकायतें सामने आई हैं। इसके बाद भिवंडी निजामपुर महानगरपालिका के जलापूर्ति विभाग ने नागरिकों से पानी को उबालकर या छानकर ही पीने की अपील की है, ताकि जलजनित बीमारियों से बचा जा सके।

शहर के मानसरोवर, गायत्रीनगर, नागांव, समदनगर, बंगालपुरा, कोम्बड़ पाड़ा, दरगाह रोड, वाड़ी अली, ब्राह्मण अली, बाजारपेठ, ईदगाह रोड, पद्मानगर, कामतघर, शांतिनगर, नूरीनगर, गैबीनगर समेत कई क्षेत्रों में दूषित पानी की शिकायतें लगातार मिल रही हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि नलों से कई दिनों से गंदा और दुर्गंधयुक्त पानी आ रहा है, जिससे हैजा, दस्त, उल्टी और अन्य जलजनित बीमारियों का खतरा बढ़ गया है।

महानगरपालिका आयुक्त अनमोल सागर को भी इस संबंध में लगातार शिकायतें मिलने के बाद जलापूर्ति विभाग को तत्काल आवश्यक कदम उठाने के निर्देश दिए गए हैं।

जलापूर्ति विभाग के कार्यकारी अभियंता संदीप पटनावर ने बताया कि भिवंडी को मुंबई महानगरपालिका की पाइपलाइन के माध्यम से तानसा नदी का पानी उपलब्ध कराया जाता है। लगातार हो रही मूसलाधार बारिश के कारण नदी का पानी मटमैला हो गया है, जिसका असर जलापूर्ति पर पड़ा है। उन्होंने नागरिकों से अपील की कि फिलहाल पानी को अच्छी तरह उबालकर या छानकर ही उपयोग करें। उनका कहना है कि बारिश कम होते ही पानी की गुणवत्ता में सुधार होगा और क्लोरीनेशन प्रक्रिया के बाद स्वच्छ पानी की आपूर्ति की जाएगी।

उन्होंने यह भी बताया कि शहर में शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराने के लिए महानगरपालिका जल्द ही दो नए वॉटर ट्रीटमेंट प्लांट स्थापित करने की प्रक्रिया शुरू करने जा रही है।

5 लाख क्लोरीन टैबलेट का होगा मुफ्त वितरण

जलजनित बीमारियों की रोकथाम के लिए महानगरपालिका के चिकित्सा स्वास्थ्य विभाग और जलापूर्ति विभाग ने संयुक्त अभियान शुरू किया है। इसके तहत शहरभर में 25 मिलीग्राम की 5 लाख क्लोरीन टैबलेट घर-घर मुफ्त वितरित की जाएंगी।

विभाग के अनुसार, 20 लीटर पानी में एक क्लोरीन टैबलेट डालकर उसे पूरी तरह घुलने देना होगा। इसके बाद निर्धारित समय तक पानी को छोड़कर ही पीने के लिए उपयोग करना चाहिए, जिससे पानी में मौजूद हानिकारक कीटाणु नष्ट हो सकें। स्वास्थ्य कर्मचारी घर-घर जाकर नागरिकों को टैबलेट के सही उपयोग की जानकारी भी देंगे।

महानगरपालिका ने नागरिकों से अपील की है कि वे क्लोरीन टैबलेट का केवल पेयजल शुद्ध करने के लिए ही उपयोग करें, इसे सीधे न खाएं, बच्चों की पहुंच से दूर रखें तथा निर्धारित मात्रा और निर्देशों का पालन करें, ताकि परिवार को जलजनित बीमारियों से सुरक्षित रखा जा सके।

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