अब्दुल गनी खान
भिवंडी: दिल्ली के जंतर-मंतर पर प्रदर्शनकारी छात्रों पर हुए कथित लाठीचार्ज, केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी की गिरफ्तारी की निष्पक्ष जांच की मांग को लेकर भिवंडी शहर जिला कांग्रेस कमेटी ने गुरुवार को भारी बारिश के बीच विरोध प्रदर्शन किया। प्रांत कार्यालय के सामने हुए प्रदर्शन में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने केंद्र सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। प्रदर्शन को देखते हुए कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस का भारी बंदोबस्त किया गया था।

प्रदर्शन के बाद कांग्रेस के प्रतिनिधिमंडल ने उप-विभागीय अधिकारी (एसडीओ) से मुलाकात कर भारत के राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में जंतर-मंतर पर कथित लाठीचार्ज के लिए जिम्मेदार पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई, केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे और राहुल गांधी की गिरफ्तारी के मामले की स्वतंत्र एवं निष्पक्ष जांच कराने की मांग की गई।
प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व भिवंडी कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष एवं पूर्व विधायक एडवोकेट अब्दुल रशीद ताहिर मोमिन ने किया। इस दौरान डॉ. नूर अंसारी, सोहेल खान, सलाम शेख, जावेद फारूकी, अर्शी आज़मी, जाबिर अंसारी, डॉ. सैय्यद अब्दुल कादिर, इलियास अंसारी, सिद्धेश्वर कमूर्ति, ब्लॉक अध्यक्ष सिराज हाशमी, सेल अध्यक्ष नौशाद अंसारी, अयूब शेख, सलीम मोमिन, हैदर खान, असलम हाफिज, शहजाद मोमिन, शाहिद अंसारी, जावेद शेख और शकील पापा समेत बड़ी संख्या में कांग्रेस पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौजूद रहे।
लोकतांत्रिक अधिकारों की रक्षा जरूरी‘
कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि लोकतांत्रिक तरीके से अपनी मांगें रखने वाले छात्रों और नागरिकों पर बल प्रयोग लोकतांत्रिक व्यवस्था के मूल सिद्धांतों के खिलाफ है। पूर्व विधायक अब्दुल रशीद ताहिर मोमिन ने कहा कि शांतिपूर्ण तरीके से अपनी बात रखना प्रत्येक नागरिक का संवैधानिक अधिकार है। उन्होंने जंतर-मंतर की घटना को दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए दोषी पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई, केंद्रीय शिक्षा मंत्री के इस्तीफे और राहुल गांधी की गिरफ्तारी की स्वतंत्र जांच की मांग की।
कांग्रेस महासचिव अर्शी आज़मी ने कहा कि भारी बारिश के बावजूद कार्यकर्ता लोकतंत्र और संविधान की रक्षा के लिए सड़क पर उतरे हैं। वहीं, राष्ट्रीय प्रवक्ता इकबाल सिद्दीकी ने कहा कि लोकतांत्रिक संस्थाओं और संवैधानिक अधिकारों की रक्षा करना सभी की जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन करने वालों पर बल प्रयोग और विपक्ष की आवाज को दबाने का प्रयास लोकतांत्रिक परंपराओं के खिलाफ है। कांग्रेस नेताओं ने कहा कि पार्टी जनता के अधिकारों और संविधान की रक्षा के लिए अपना संघर्ष जारी रखेगी।

