भिवंडी में गूंजे ‘बोल बम’ के जयकारे, रातभर डीजे पर थिरके शिवभक्त

भिवंडी

आचार्यानगर और घूघटनगर से निकली कांवड़ यात्रा, अंबरनाथ के प्राचीन शिव मंदिर में किया जलाभिषेक

अब्दुल गनी खान| भिवंडी

श्रावण माह के अवसर पर रविवार को भिवंडी में कांवड़ यात्रा श्रद्धा और उत्साह के साथ निकाली गई। आचार्यानगर, घूघटनगर और रावजीनगर इलाके से बड़ी संख्या में शिवभक्त कांवड़ लेकर यात्रा में शामिल हुए। रास्ते भर ‘बोल बम’ और ‘हर हर महादेव’ के जयकारों से माहौल भक्तिमय बना रहा। डीजे की धुन पर शिवभक्त उत्साह के साथ झूमते नजर आए।

         रात 8 बजे शुरू हुई पदयात्रा

आयोजन समिति के सदस्य मुन्ना केशरवानी के अनुसार, कांवड़ पदयात्रा रविवार रात करीब 8 बजे सुंदर बेनी कंपाउंड स्थित हनुमान मंदिर परिसर से शुरू हुई। रात करीब 12 बजे कांवड़ियों का जत्था कल्याण रोड स्थित साईं बाबा मंदिर पर एकत्र हुआ। यहां से महिला, पुरुष और बच्चों समेत सैकड़ों कांवड़िए कल्याण रोड होते हुए कल्याण और उल्हासनगर की ओर रवाना हुए।

सोमवार सुबह करीब 6 बजे कांवड़ियों का जत्था अंबरनाथ स्थित प्राचीन शिव मंदिर पहुंचा। यहां शिवभक्तों ने कांवड़ में लाए पवित्र जल से भगवान शिव का जलाभिषेक किया

     वर्षों से जारी है पैदल कांवड़ यात्रा

मुन्ना केशरवानी ने बताया कि सावन के महीने में भिवंडी से अंबरनाथ तक पैदल कांवड़ यात्रा निकालने की परंपरा वर्षों से चली आ रही है। इस दौरान शिवभक्त कांवड़ में जल भरकर पैदल अंबरनाथ पहुंचते हैं और प्राचीन शिव मंदिर में भगवान शिव का जलाभिषेक करते हैं।

यात्रा में शामिल श्रद्धालुओं के लिए रास्ते में नाश्ते और पानी की व्यवस्था की गई थी। वहीं, यात्रा के दौरान यातायात व्यवस्था प्रभावित न हो, इसके लिए आयोजकों की ओर से विशेष इंतजाम किए गए थे। सुरक्षा को लेकर पुलिस की भी तैनाती रही।

   मानसरोवर से भी निकली कांवड़ यात्रा

इसी दौरान सोमवार सुबह मानसरोवर इलाके से भी कांवड़ यात्रा निकाली गई। कांवड़िए पैदल चलते हुए सोमवार शाम अमरनाथ शिव मंदिर पहुंचे और भगवान भोलेनाथ का जलाभिषेक किया।

वहीं, रविवार सुबह ठाणे से भी बड़ी संख्या में शिवभक्त कांवड़ लेकर मानकोली स्थित बागेश्वर मंदिर पहुंचे। दोपहर में श्रद्धालुओं ने शिवलिंग का अभिषेक कर पूजा-अर्चना की।

पूरी यात्रा के दौरान शिवभक्तों में खासा उत्साह देखने को मिला। रास्ते भर ‘हर हर महादेव’ और ‘बोल बम’ के जयकारों से वातावरण भक्तिमय बना रहा।

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