भिवंडी: रांजनोली नाका स्थित लॉजिस्टिक सेंटर से करीब 43.89 लाख रुपये की लोहे की सरिया चोरी के मामले ने भिवंडी के औद्योगिक इलाके में चल रहे कथित सरिया चोरी के नेटवर्क पर सवाल खड़े कर दिए हैं। शिकायत के बाद कोनगांव पुलिस ने 16 लोगों के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू की है। हालांकि, यदि इस तरह की चोरी लंबे समय से चल रही थी, तो पुलिस की निगरानी और कार्रवाई पर भी सवाल उठना स्वाभाविक है।
पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, 25 अगस्त 2026 की सुबह आरमैक्स लॉजिस्टिक सेंटर के प्रथमेश कंपाउंड, रांजनोली नाका में दो वाहनों से जुड़ी लोहे की सरिया चोरी का मामला सामने आया। चोरी हुए माल की कीमत 43,89,604 रुपये बताई गई है।
16 लोगों पर मामला, चालकों की भूमिका भी जांच के घेरे में
मामले में विकेशकुमार उर्फ मोनू यादव और उसके साथियों सहित परशुराम यादव, विपिन तिवारी, नूर शेख, दिपु हरिपाल सिंह, आदर्श रघुवेंद्र सिंह, राजवीर रघुवेंद्र सिंह, बागेश सिंह, संदीप सिंह, लवकुश सिंह, अनुप सिंह, सूरज मोतीलाल वर्मा, संदीप गुप्ता, रुपेश मुरजी वाघेला तथा वाहन चालक सुरेंद्र यादव और विष्णु के नाम सामने आए हैं।
पुलिस का आरोप है कि दो वाहनों में ले जाई जा रही लोहे की सरिया को चालकों की मदद से रास्ते में उतारकर चोरी किया गया और बाद में उसे अवैध रूप से बेचने की कोशिश की गई। अब जांच का मुख्य बिंदु यह है कि चोरी का माल कहां उतारा गया, किसे बेचा गया और इस कथित नेटवर्क में और कौन-कौन लोग शामिल हैं।
एक आरोपी को धारा 35(3) के तहत नोटिस
मामले में रुपेश मुरजी वाघेला (29) को भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023 की धारा 35(3) के तहत पुलिस ने नोटिस जारी किया है। वाघेला रांजनोली, भिवंडी में रहता है और पेशे से नौकरी करता है।
कोनगांव पुलिस स्टेशन में गुन्हा रजि. क्र. 452/2025 के तहत भारतीय न्याय संहिता की धारा 303(2), 317(2) और 62.3(5) के अनुसार मामला दर्ज किया गया है।
वर्षों से चल रही चोरी की शिकायत ने बढ़ाई गंभीरता
सबसे बड़ा सवाल यह है कि यदि इलाके में लंबे समय से सरिया चोरी की शिकायतें सामने आती रही हैं, तो इस कथित गतिविधि पर समय रहते प्रभावी कार्रवाई क्यों नहीं हुई? लॉजिस्टिक हब और औद्योगिक क्षेत्र में भारी मात्रा में लोहे की आवाजाही के बावजूद ऐसी चोरी कैसे होती रही, यह जांच का अहम पहलू है।
अब पुलिस के सामने सिर्फ चोरी गए 43.89 लाख रुपये के माल की बरामदगी की चुनौती नहीं है, बल्कि कथित पूरे नेटवर्क की तह तक पहुंचने की जिम्मेदारी भी है। वाहन चालकों से लेकर माल की खरीद-फरोख्त करने वालों तक सभी की भूमिका की जांच किए जाने की जरूरत है।
मामले की जांच सहायक पुलिस निरीक्षक अरुण घोलप कर रहे हैं। पुलिस के अनुसार, अन्य आरोपियों की भूमिका और चोरी किए गए माल की बरामदगी को लेकर जांच जारी है। फिलहाल आरोपियों पर लगाए गए आरोपों की पुष्टि जांच और न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही होगी।

