दिंडीगढ़ पहाड़ी पर मारपीट को लेकर सियासी तकरार, सकल हिंदू समाज का प्रदर्शनमामले वापस नहीं लेने पर 30 अगस्त को उग्र आंदोलन की चेतावनी, स्थायी पुलिस चौकी की मांग

भिवंडी

अब्दुल गनी खान
भिवंडी: सोनाले ग्राम पंचायत क्षेत्र के दिंडीगढ़ में स्थानीय युवकों के साथ हुई कथित मारपीट का मामला अब राजनीतिक रंग लेता नजर आ रहा है। घटना के विरोध में सकल हिंदू समाज की ओर से वडपे में प्रदर्शन किया गया और भिवंडी तालुका पुलिस को ज्ञापन सौंपकर आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की गई। प्रदर्शनकारियों ने दिंडीगढ़ महादेव देवस्थान क्षेत्र में सुरक्षा बढ़ाने और स्थायी पुलिस चौकी स्थापित करने की भी मांग की।

सकल हिंदू समाज के यशवंत सोरे ने कहा कि दिंडीगढ़ महादेव देवस्थान हिंदू समाज का महत्वपूर्ण धार्मिक स्थल है और महाराष्ट्र सरकार ने इसे तीर्थक्षेत्र घोषित किया है। उन्होंने आरोप लगाया कि धार्मिक स्थल के आसपास अतिक्रमण और तनाव पैदा करने वाली गतिविधियों को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

  मांस ले जाने को लेकर शुरू हुआ विवाद

प्रदर्शनकारियों के मुताबिक, दिंडीगढ़ क्षेत्र में मांस लेकर जा रहे कुछ लोगों को स्थानीय युवकों ने सावन के महीने और धार्मिक स्थल का हवाला देते हुए रोकने की कोशिश की। इसी बात को लेकर दोनों पक्षों में विवाद हुआ और बाद में मारपीट की घटना हुई। आरोप है कि इस दौरान स्थानीय युवकों के साथ मारपीट की गई।

शिकायत दर्ज कराने के बाद घायल युवक इलाज के लिए स्व. इंदिरा गांधी अस्पताल पहुंचे, जहां भी उनके साथ मारपीट किए जाने का प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया। हालांकि, मामले में पुलिस जांच के बाद ही घटनाक्रम की पूरी तस्वीर स्पष्ट होगी।

       स्थायी पुलिस चौकी की मांग

सकल हिंदू समाज के पदाधिकारियों ने दिंडीगढ़ क्षेत्र में पहले भी असामाजिक गतिविधियों की शिकायतें सामने आने का दावा करते हुए तीर्थक्षेत्र की सुरक्षा के लिए 24 घंटे पुलिस व्यवस्था की मांग की। ज्ञापन में स्थानीय लोगों के खिलाफ दर्ज मामलों की समीक्षा करने, उचित कार्रवाई करने और देवस्थान क्षेत्र में स्थायी पुलिस चौकी स्थापित करने की मांग की गई है।

प्रदर्शन में यशवंत सोरे, विशूभाऊ म्हात्रे, जगन पाटिल, ज्ञानेश्वर (ओम) मुकादम, रामदास केणे, गुरुनाथ म्हात्रे, विजय पाटिल, दीपक पाटिल समेत सोनाले, घोलगांव, वालशिंद और आसपास के गांवों के नागरिक शामिल हुए।

    30 अगस्त को आंदोलन की चेतावनी

प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी कि यदि दर्ज मामलों को वापस नहीं लिया गया और उनकी मांगों पर तत्काल कार्रवाई नहीं हुई, तो 30 अगस्त को उग्र आंदोलन किया जाएगा। वहीं, पुलिस प्रशासन ने कानून-व्यवस्था बनाए रखने और शिकायतों की जांच के आधार पर उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *