40 साल की सेवा, 5 बच्चों से शुरू हुआ सफर बना वटवृक्ष

भिवंडी

श्री भैरव कर्ण बधिर विद्यालय का स्थापना दिवस समारोह, ‘स्मृतिगंध’ में पूर्व और वर्तमान कर्मचारियों का सम्मान

अब्दुल गनी खान
भिवंडी के श्री भैरव कर्ण बधिर विद्यालय ने शिक्षा और सेवा के क्षेत्र में अपने 40 वर्ष पूरे कर लिए हैं। इस उपलब्धि के अवसर पर श्री भैरव सेवा समिति की ओर से ‘स्मृतिगंध-यादों की महक’ नाम से विशेष कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में विद्यालय के चार दशक के सफर को याद करते हुए पूर्व और वर्तमान कर्मचारियों को सम्मानित किया गया।


विद्यालय की स्थापना 9 अगस्त 1986 को महज पांच मूक-बधिर बच्चों से हुई थी। इन चार दशकों में संस्था ने लगातार प्रयास करते हुए शिक्षा और संस्कार के क्षेत्र में अपनी अलग पहचान बनाई। आज यह संस्था एक वटवृक्ष का रूप ले चुकी है और यहां से शिक्षा प्राप्त करने वाले विद्यार्थी देश-विदेश में अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन कर संस्था और देश का नाम रोशन कर रहे हैं।
कार्यक्रम में संस्था के ट्रस्टी अनिल जैन ने कहा कि संस्था के पथ-प्रदर्शक परम पूज्य स्व. श्री राजमल जैन और स्व. श्री पुष्पत जैन भाईसाहब आज भले ही हमारे बीच नहीं हैं, लेकिन उनका आशीर्वाद और मार्गदर्शन संस्था के साथ हमेशा बना हुआ है।
‘स्मृतिगंध’ कार्यक्रम में वर्ष 1986 से 2026 तक संस्था में अपनी सेवाएं देने वाले सभी पूर्व और वर्तमान कर्मचारियों को सम्मानित किया गया। विद्यालय के शुरुआती पांच विद्यार्थी भी कार्यक्रम में विशेष रूप से मौजूद रहे। उन्हें देखकर संस्था से जुड़े पुराने कर्मचारियों और पदाधिकारियों की यादें भी ताजा हो गईं।
इस दौरान कई पूर्व और वर्तमान कर्मचारियों ने विद्यालय से जुड़े अपने अनुभव साझा किए। उन्होंने संस्था के शुरुआती दौर की चुनौतियों, बच्चों के साथ बिताए अनुभवों और चार दशक के बदलावों को याद किया।
कार्यक्रम में गगन जैन, डॉ. एस.डी. जैन और अनिल जैन ने सेवानिवृत्त तथा वर्तमान कर्मचारियों का सम्मान किया। समिति की ओर से बताया गया कि संस्था का उद्देश्य केवल मूक-बधिर बच्चों को शिक्षा देना ही नहीं, बल्कि उन्हें आत्मनिर्भर बनाकर समाज की मुख्यधारा से जोड़ना भी रहा है।
चार दशक पहले पांच बच्चों से शुरू हुई यह यात्रा आज कई विद्यार्थियों के सपनों को पंख दे रही है। ‘स्मृतिगंध’ कार्यक्रम इसी लंबे सेवा-सफर की यादों और उपलब्धियों को समर्पित रहा।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *