बच्चों के हाथों सजे बप्पा के मनमोहक रूप, 225 विद्यार्थियों ने दिखाई हुनर की झलक

भिवंडी

शाडू मिट्टी और क्ले से गढ़ीं गणेश प्रतिमाएं, रचनात्मकता के साथ पर्यावरण संरक्षण का संदेश

अब्दुल गनी खान
गणेशोत्सव की तैयारियों के बीच भिवंडी में बच्चों की रचनात्मकता ने सभी का ध्यान खींचा। धामणकर नाका मित्र मंडल और स्वाभिमान सेवा संस्था की ओर से एनईएस इंग्लिश प्राथमिक विद्यालय में गणेश मूर्ति निर्माण प्रतियोगिता आयोजित की गई। इसमें 225 विद्यार्थियों ने उत्साह के साथ हिस्सा लिया और अपने हाथों से गणपति बप्पा की आकर्षक प्रतिमाएं तैयार कीं।
विद्यालय की मुख्याध्यापिका मानसी राजे के मार्गदर्शन में हुई प्रतियोगिता में बच्चों ने शाडू मिट्टी, साधारण मिट्टी और रंगीन क्ले का इस्तेमाल कर अपनी कल्पनाओं को आकार दिया। किसी विद्यार्थी ने गणपति की पारंपरिक प्रतिमा बनाई तो किसी ने अपनी कल्पनाशक्ति से बप्पा को अनूठा स्वरूप दिया। बच्चों की बनाई प्रतिमाओं में उनकी रचनात्मकता, कलाकौशल और कल्पनाशक्ति साफ नजर आई।

प्रतियोगिता की खास बात यह रही कि बच्चों को गणेशोत्सव की धार्मिक और सांस्कृतिक परंपराओं से जोड़ने के साथ ही पर्यावरण अनुकूल गणेशोत्सव का संदेश भी दिया गया। मिट्टी से गणेश प्रतिमा बनाने के जरिए विद्यार्थियों को प्राकृतिक सामग्री के इस्तेमाल और पर्यावरण संरक्षण के महत्व को समझाने का प्रयास किया गया।


आयोजकों के मुताबिक, इस तरह के आयोजन का मकसद केवल बच्चों की कला प्रतिभा को मंच देना नहीं, बल्कि उनमें पर्यावरण के प्रति जिम्मेदारी की भावना विकसित करना भी है।
मुख्याध्यापिका मानसी राजे ने कहा कि इस तरह की रचनात्मक गतिविधियों से विद्यार्थियों में कला कौशल के साथ आत्मविश्वास, धैर्य और रचनात्मक सोच विकसित होती है। साथ ही बच्चों का अपनी संस्कृति और परंपराओं से जुड़ाव भी मजबूत होता है।


प्रतियोगिता के दौरान स्कूल में बच्चों का उत्साह देखते ही बन रहा था। मिट्टी और क्ले से बप्पा की प्रतिमा गढ़ते समय उनके चेहरों पर खुशी और उत्साह साफ दिखाई दे रहा था। आयोजन ने गणेशोत्सव की उमंग के बीच बाल प्रतिभा, संस्कृति और पर्यावरण जागरूकता का खूबसूरत संगम पेश किया।

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