भिवंडी मनपा महासभा में महिला पार्षदों के लिए अलग समय आरक्षित करने की मांग,स्नेहा पाटिल ने महापौर-आयुक्त को लिखा पत्र

भिवंडी

50% महिला पार्षद, 90% पहली बार जीतीं – अपनी बात रखने का मौका नहीं मिलता


विशेष संवाददाता
भिवंडी मनपा में 50 फीसदी महिला पार्षद हैं, जिनमें 90 प्रतिशत पहली बार चुनकर आई हैं। 3 साल प्रशासक राज के बाद अब चुने हुए प्रतिनिधियों से लोगों की उम्मीदें बढ़ी हैं, लेकिन महासभा में एजेंडा के चलते वार्ड की समस्याएं रखने का समय नहीं मिल पाता है।ऐसे में पार्षद स्नेहा मेहुल पाटिल ने महापौर नारायण चौधरी और आयुक्त अनमोल सागर को पत्र लिखकर मांग की है कि महासभा में महिला पार्षदों को अपनी बात रखने के लिए अलग से आरक्षित समय दिया जाए।

नगरसेविका स्नेहा पाटिल ने पत्र में कहा कि महासभा शहर के विकास के फैसलों का सर्वोच्च मंच है। हर पार्षद अपने वार्ड की समस्या उठाना चाहता है, लेकिन कार्यसूची और निर्धारित विषयों में ही समय खत्म हो जाता है। महिला पार्षद वार्ड के साथ-साथ महिलाओं, बच्चों, वरिष्ठ नागरिकों, स्वास्थ्य, शिक्षा, महिला सुरक्षा, स्वच्छता, जलापूर्ति जैसे मुद्दे उठाती हैं, पर समय की कमी से उन्हें प्रभावी ढंग से बोलने का मौका नहीं मिलता। इसलिए सामान्य चर्चा के लिए स्वतंत्र समय तय हो और उसमें महिला पार्षदों के लिए अलग समय आरक्षित किया जाए।

महासभा 11 बजे शुरू हो – सद्दाम भाई की मांग

वहीं कांग्रेस पार्षद खान अब्दुल रहमान उर्फ सद्दाम भाई ने आयुक्त अनमोल सागर को पत्र देकर मांग की है कि महासभा का समय दोपहर 3 या 3:30 बजे की जगह सुबह 11 बजे किया जाए।उन्होंने कहा दोपहर में सभा रखने से शाम को जल्दी खत्म करना पड़ता है, पार्षदों की समस्याएं अधूरी रह जाती हैं। अगर सुबह 11 बजे सभा होगी तो दिनभर दो सत्रों में कामकाज हो सकेगा। साथ ही एजेंडा शुरू होने से पहले कम से कम एक घंटा सामान्य चर्चा के लिए अनिवार्य रूप से आरक्षित रखा जाए, ताकि पानी, सड़क, स्वास्थ्य, स्वच्छता जैसे वार्ड स्तर के मुद्दे उठाए जा सकें, जो अभी औपचारिकता में निपटाए जा रहे हैं।

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