अब्दुल गनी खान
भिवंडी: 1965 के भारत-पाक युद्ध के परमवीर चक्र विजेता शहीद वीर अब्दुल हमीद को श्रद्धांजलि देने के लिए भिवंडी के जुनी एसटी स्थित लोक हिंद पार्टी और भिवंडी एक्शन फोर्स के केंद्रीय कार्यालय में कार्यक्रम आयोजित किया गया। इसमें विभिन्न सामाजिक, शैक्षणिक, साहित्यिक और राजनीतिक क्षेत्रों से जुड़े लोगों ने भाग लेकर शहीद को नमन किया।

कार्यक्रम की अध्यक्षता शिक्षाविद् प्रिंसिपल ज़िया-उर-रहमान ने की। लोक हिंद पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष बदीउज़्ज़मान ख़ान ने कहा कि वीर अब्दुल हमीद ने 1965 के युद्ध में अमेरिकी पैटन टैंकों को ध्वस्त कर अपनी अद्वितीय वीरता का परिचय दिया। उन्होंने कहा कि अब्दुल हमीद का बलिदान देश की साझा विरासत है और नई पीढ़ी को उनके जीवन से प्रेरणा लेनी चाहिए।
प्रिंसिपल ज़िया-उर-रहमान ने कहा कि वीर अब्दुल हमीद का जीवन देशभक्ति, त्याग और कर्तव्यनिष्ठा का प्रतीक है। उन्होंने शैक्षणिक संस्थानों में विद्यार्थियों के भीतर राष्ट्रीय चेतना विकसित करने पर जोर दिया।
कार्यक्रम में भारतीय सेना के सेवानिवृत्त सैनिक फूलचंद सोलंकी का सम्मान किया गया। उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि भारतीय सेना सच्ची राष्ट्रीय एकता की मिसाल है। उनके अनुसार सेना में सभी धर्मों के पूजा स्थल एक साथ होते हैं और देश की रक्षा के समय सभी सैनिकों का एकमात्र धर्म राष्ट्रसेवा होता है।
सांस्कृतिक कार्यक्रम में सुहैल अंसारी और अबरार ख़ान ने देशभक्ति गीत प्रस्तुत किए, जबकि क़ासिम अंसारी ने वीर अब्दुल हमीद के शौर्य और राष्ट्रीय एकता पर आधारित कविताएं सुनाईं।
कार्यक्रम का संचालन मौलाना असद क़ासमी ने किया। इस अवसर पर मौलाना मुस्तकीम क़ासमी, मुफ़्ती शाबान, एम. अबूबकर, हाफ़िज़ आलम, आलम अंसारी, मुश्ताक ख़ान, अशफ़ाक़ भोपाली, एडवोकेट फैज़ान, मोहसिन बेग, अक़रम अंसारी, वसीम अंसारी, लुक़मान अंसारी सहित विभिन्न सामाजिक, धार्मिक और शैक्षणिक क्षेत्रों से जुड़े लोग मौजूद रहे।
कार्यक्रम के अंत में अतिथियों का सम्मान किया गया और शहीद वीर अब्दुल हमीद को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए राष्ट्रीय एकता, भाईचारे और देशसेवा का संकल्प लिया गया।

