चाविंद्रा डंपिंग ग्राउंड पर विरोध से भिवंडी में गहराया कचरा संकट, चार दिन से नहीं हो रहा कचरे का निस्तारण

भिवंडी

गनी खान
भिवंडी। चाविंद्रा रामनगर डंपिंग ग्राउंड पर स्थानीय नागरिकों के विरोध के चलते भिवंडी शहर में कचरा प्रबंधन व्यवस्था पूरी तरह प्रभावित हो गई है। पिछले चार दिनों से डंपिंग ग्राउंड पर कचरा नहीं डाले जाने के कारण शहर के कई इलाकों में कचरे के ढेर लग गए हैं। सड़कों, फ्लाईओवर के नीचे और कचरा संकलन केंद्रों पर जमा कचरे से उठ रही दुर्गंध और गंदगी ने लोगों की परेशानी बढ़ा दी है। नागरिकों का आरोप है कि समस्या गंभीर होने के बावजूद मनपा प्रशासन अब तक कोई प्रभावी समाधान नहीं निकाल सका है।
जानकारी के अनुसार, 11 जुलाई को चाविंद्रा रामनगर डंपिंग ग्राउंड पर कचरा लेकर पहुंचे एक डंपर की चपेट में आने से तीन वर्षीय शनाया अब्दुल हक की मौत हो गई थी। घटना के बाद आक्रोशित स्थानीय लोगों ने मनपा कर्मचारियों की केबिन और एक डंपर में आग लगा दी थी। इसके बाद से नागरिक लगातार डंपिंग ग्राउंड पर कचरा डालने का विरोध कर रहे हैं।
डंपिंग ग्राउंड बंद होने से मनपा के सामने प्रतिदिन एकत्र होने वाले कचरे के निस्तारण का गंभीर संकट खड़ा हो गया है। शहर के कचरा संकलन केंद्रों की क्षमता जवाब देने लगी है और कई स्थानों पर कचरे के बड़े-बड़े ढेर लग गए हैं। हालात ऐसे हैं कि राहगीरों को दुर्गंध से बचने के लिए नाक पर रूमाल रखकर गुजरना पड़ रहा है।
स्थानीय नगरसेवक रोहिदास वाघमारे ने मनपा अधिकारियों के साथ हुई बैठक में मृत बच्ची के परिजनों को उचित मुआवजा देने, जर्जर कचरा वाहनों को तत्काल बंद करने, प्रत्येक कचरा वाहन के साथ क्लीनर नियुक्त करने तथा अपनी क्षमता पूरी कर चुके चाविंद्रा डंपिंग ग्राउंड को स्थायी रूप से बंद करने की मांग की है।
इस बीच मनपा की आगे की कार्ययोजना जानने के लिए आयुक्त अनमोल सागर, उपायुक्त (मुख्यालय) विक्रम दराडे, सार्वजनिक स्वास्थ्य विभाग प्रमुख फैजल तातली और स्वास्थ्य निरीक्षक जयवंत सोनावने से संपर्क करने का प्रयास किया गया, लेकिन किसी भी अधिकारी से संपर्क नहीं हो सका।
शहर में लगातार बढ़ रहे कचरे के ढेर और फैलती दुर्गंध ने अब सार्वजनिक स्वास्थ्य को लेकर भी चिंता बढ़ा दी है। यदि जल्द ही वैकल्पिक व्यवस्था नहीं की गई तो स्थिति और गंभीर हो सकती है।