जनजागरूकता संगोष्ठी में 50 से अधिक महिला डॉक्टरों की भागीदारी, हिंसामुक्त स्वास्थ्य सेवा का माहौल बनाने पर जोर
अब्दुल गनी खान
ठाणे: डॉक्टरों और महिला स्वास्थ्यकर्मियों की सुरक्षा, सम्मान और न्याय की मांग को लेकर चल रही देशव्यापी मुहिम के समर्थन में ठाणे ऑब्सटेट्रिक्स एंड गायनेकोलॉजिकल सोसायटी की ओर से अभया दिवस पर जनजागरूकता संगोष्ठी आयोजित की गई। कार्यक्रम में स्वास्थ्य क्षेत्र से जुड़ी महिलाओं की सुरक्षा के साथ-साथ कार्यस्थल पर सम्मानजनक और भयमुक्त माहौल सुनिश्चित करने पर जोर दिया गया।

कार्यक्रम की शुरुआत 9 अगस्त 2024 को कोलकाता के आर.जी. कर मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल में बलात्कार और हत्या की शिकार हुई ‘अभया’ को श्रद्धांजलि देकर की गई। इस दौरान मौजूद डॉक्टरों ने महिलाओं और स्वास्थ्यकर्मियों के खिलाफ हिंसा के विरोध में एकजुट रहने का संकल्प लिया।
सोसायटी की उपाध्यक्ष और भिवंडी की स्त्रीरोग विशेषज्ञ डॉ. सुप्रिया अरवारी ने कहा कि इस तरह के अन्याय के खिलाफ सभी को एकजुट होकर आवाज उठानी होगी। उन्होंने कहा, “हिंसामुक्त स्वास्थ्य सेवा का माहौल बनाने के लिए चिकित्सा पेशेवरों को एक साथ आना होगा। इसी उद्देश्य को आगे बढ़ाने के लिए हमारी मुहिम काम कर रही है।”
रविवार सुबह ठाणे के होटल सत्कार रेजिडेंसी में आयोजित इस कार्यक्रम में ठाणे ऑब्सटेट्रिक्स एंड गायनेकोलॉजिकल सोसायटी की अध्यक्ष डॉ. रेखा थोते, उपाध्यक्ष डॉ. सुप्रिया अरवारी, कोषाध्यक्ष डॉ. रुमा घरोटे समेत पूर्व अध्यक्ष, प्रबंधन समिति के सदस्य और ठाणे जिले के करीब 50 स्त्रीरोग विशेषज्ञ शामिल हुए।

कार्यक्रम के दौरान ‘अभया दिवस’ के उद्देश्य पर भी चर्चा हुई। ‘अभया’ का अर्थ निर्भय है। आयोजन का संदेश रहा कि घर, अस्पताल, कॉलेज, कार्यस्थल या सड़क—कहीं भी महिलाओं को भय के माहौल में जीवन नहीं बिताना चाहिए।
संगोष्ठी में महिलाओं और खासकर महिला स्वास्थ्य पेशेवरों के लिए सुरक्षित कार्यस्थल की आवश्यकता पर चर्चा की गई। इस मुहिम में छात्र, डॉक्टर, नागरिक और रेजिडेंट वेलफेयर समूह भी साथ आए हैं।
ठाणे ऑब्सटेट्रिक्स एंड गायनेकोलॉजिकल सोसायटी ने बैनर और जनजागरूकता चर्चाओं के माध्यम से अभियान के प्रति अपना समर्थन दोहराया। कार्यक्रम में शामिल महिला डॉक्टरों ने समाज में महिलाओं की सुरक्षा, सम्मान और न्याय से जुड़े मुद्दों को लेकर जागरूकता फैलाने के लिए लगातार अभियान चलाने का संकल्प लिया।

