कांग्रेस व राकांपा(शरद) की मदद से भाजपा का बागी नारायण चौधरी चुने गए महापौर,तारिक उपमहापौर
विशेष संवाददाता
भिवंडी मनपा महापौर के हाइबेल्टेज चुनाव में भाजपा के साथ चंद्रपुर पैटर्न के तहत खेला हो गया।कांग्रेस ने बीजेपी के बागी नगरसेवकों की मदद से मनपा महापौर की कुर्सी हथियाने में सफल रही।कांग्रेस की तरफ से भाजपा नगरसेवक नारायण चौधरी महापौर चुने गए।जिन्हें कांग्रेस ,राकांपा(शरद) व भाजपा के 6 बागी नगरसेवकों का समर्थन प्राप्त हुआ।वही कांग्रेस के तारिक अंसारी उपमहापौर चुने गए।सूत्रों का कहना है कि मनपा चुनाव में भाजपा को महापौर उम्मीदवार बदलना भारी पड़ गया।जिसे उसके सहयोगी दल शिवसेना(शिंदे) का भी मदद नहीं मिला।शाह मात के इस खेल में कांग्रेस ने भाजपा की ही तर्ज पर उसे पटखनी देते हुए मनपा में अपना सत्ता स्थापित कर लिया है।इसके साथ ही मनपा महापौर व उपमहापौर पद पर वर्षों से चली आ रही हिंदू मुस्लिम कंबिनेशन की परंपरा भी बरकरार रहा।चुनाव के दौरान पुलिस का मनपा मुख्यालय तगड़ा बंदोबस्त लगा हुआ था।

भिवंडी मनपा महापौर का चुनाव की प्रक्रिया पीठासीन अधिकारी एवं ठाणे जिलाधिकारी डॉ. श्रीकृष्णनाथ पांचाल,मनपा आयुक्त अनमोल सागर व मनपा के नगरसचिव अजय पाटिल की उपस्थिति में शुक्रवार को दोपहर 12 बजे शुरू हुआ।महापौर के लिए 10 तथा उपमहापौर के लिए 7 लोगो ने नामांकन फार्म भरा था।नामांकन वापिस लेने के लिए मिले 15 मिनट के समय में महापौर पद के लिए 7 लोगो ने अपना नामांकन वापिस ले लिया।जिसके बाद महापौर पद के 3 लोग चुनाव मैदान में बचे।महापौर पद के लिए कांग्रेस की तरफ से भाजपा के बागी नगरसेवक नारायण चौधरी,कोणार्क विकास आघाड़ी के विलास पाटिल और भाजपा की तरफ स्नेहा मेहुल पाटिल के बीच त्रिकोणीय मुकाबला हुआ।जिसमें 48 मत मिलने से नारायण चौधरी को महापौर चुना गया।जिन्हें कांग्रेस के 30,राकांपा (शरद) के 12 व भाजपा के 6 नगरसेवकों का मत प्राप्त हुआ जबकि कोणार्क विकास आघाड़ी के उम्मीदवार विलास पाटिल को 26 मत मिला।जिन्हें शिवसेना(शिंदे)के 12,सपा के 6 ,कोणार्क के 4 व भिवंडी विकास आघाड़ी का 3 नगरसेवकों का मत मिला।खुद चीटिंग के मामले में जेल की हवा खा रहे विलास पाटिल चुनाव में मतदान के लिए पुलिस कस्टडी में मनपा मुख्यालय पहुंचे थे।इसके अलावा भाजपा प्रत्याशी को मात्र 18 मत मिलने से बीजेपी को बुरी तरह हार का सामना करना पड़ा।जबकि एक निर्दलीय नगरसेवक मतदान से दूर रहा।इसी तरह उपमहापौर के लिए दाखिल किए गए
7 नामांकन में से 4 लोगों ने अपना नामांकन वापिस ले लिया उपमहापौर पद के लिए हुए त्रिकोणीय मुकाबले में कांग्रेस के तारिक मोमिन विजयी हुए।जिन्हें 43 मत प्राप्त हुआ।जिसमें कांग्रेस के 30,राकांपा (शरद) के 12 व भाजपा के एक नगरसेवक का मत मिला।इसी तरह भिवंडी विकास आघाड़ी के प्रत्याशी जावेद दलवी को 25 और भाजपा प्रत्याशी सुहास नकाते को भाजपा के 22 नगरसेवकों में से 21 मत प्राप्त हुआ और वे तीसरे नंबर पर रहे। बिजयी हुए महापौर व उपमहापौर को मनपा महापौर व पीठासीन अधिकारी द्वारा पुष्पगुच्छ देकर सम्मान किया गया।
तोड़फोड़ की राजनीति में भाजपा हुई चित, कांग्रेस को मिली जीत,महायुति हुई खंड खंड
महापौर व उपमहापौर के चुनाव में महायुति खंड खंड होकर चित हो गई।शिवसेना(शिंदे ) भी मेयर चुनाव में भाजपा से दूर रही और सपा के 6 नगरसेवकों के साथ महापौर चुनाव में कोणार्क महाविकास आघाड़ी को और उपमहापौर चुनाव में भिवंडी विकास आघाड़ी का साथ दिया।महायुति के पास 42 सीट होने के बावजूद भाजपा व शिवसेना की आपसी मतभेद के कारण दोनों दल मनपा की सत्ता से दूर रही।जिसका फायदा अन्य दलों ने उठाया और मनपा में अपना सत्ता स्थापित किया।जबकि बीजेपी का महापौर बनाने का दावा पूरी तरह से चकना चूर हो गया।
भाजपा को मेयर उम्मीदवार बदलना पड़ा भारी
मनपा महापौर चुनाव में भाजपा द्वारा पहले नगरसेवक नारायण चौधरी को मेयर कैंडिडेट घोषित किया गया था।लेकिन चुनाव के दो दिन पहले ही बीजेपी ने अपना मेयर प्रत्याशी बदलकर नारायण की जगह पर कुछ दिन पहले ही पार्टी में शामिल हुई स्नेहा मेहुल पाटिल को अपना महापौर उम्मीदवार घोषित कर दिया था।जिसके कारण न सिर्फ बीजेपी में नाराजगी फैल गई थी।बल्कि हाईकमान के इस निर्णय को लेकर पार्टी दो गुटों में बंट गई थी जिसका फायदा उठाकर मामले की गंभीरता को देखते हुए कांग्रेस ने भाजपा प्रत्याशी नारायण चौधरी को अपना महापौर उम्मीदवार घोषित कर चुनाव मैदान में उतारा था।जिन्हें भाजपा के 6 नगरसेवकों का समर्थन मिलने से बीजेपी नगरसेवक कांग्रेस की तरफ से महापौर चुने गए।जबकि उप महापौर पद पर भी कांग्रेस का कब्जा हुआ।यह पहली बार है जब जोड़तोड़ की राजनीति में बीजेपी को कांग्रेस से मात मिली है और उसके नगरसेवकों के समर्थन से कांग्रेस ने मौके पर चौका मारकर अपना सत्ता स्थापित कर लिया।इसके साथ
भाजपा के बागी नगरसेवक की सूची।
सुहास नकाते(प्रभाग क्रमांक 18 ड),नंदनी महेंद्र गायकवाड़(प्रभाग क्रमांक 17अ),दीपा माढवी((प्रभाग क्रमांक 18 ब), साबुसाद अशफाक शेख(प्रभाग क्रमांक 18 क),अश्वनी फूटाणकर (प्रभाग क्रमांक 18 अ) व नारायण चौधरी(प्रभाग क्रमांक 23 क) ने भाजपा से बगावत कर कांग्रेस के समर्थन में अपना मतदान किया।बताते है कि ज्यादातर बागी नगरसेवक भाजपा विधायक महेश चौघुले के खास है और इसमें से 3 लोग निर्विरोध नगरसेवक चुने गए थे।

