अब्दुल गनी खान
भिवंडी: भिवंडी मनपा की स्थायी समिति चुनाव को लेकर सियासत तेज हो गई है। शिवसेना (शिंदे गुट) के नेता Manoj Katekar ने भाजपा पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा है कि भिवंडी में भाजपा कांग्रेस और राष्ट्रवादी कांग्रेस (शरद पवार गुट) के तथाकथित “सेक्युलर फ्रंट” की मदद के लिए काम कर रही है।
काटेकर ने दावा किया कि मेयर चुनाव के समय से ही भाजपा और सेक्युलर फ्रंट के बीच अंदरूनी समझ बनी हुई है, जिसका खुलासा स्थायी समिति चुनाव में भाजपा सदस्यों की अनुपस्थिति से हो गया। उन्होंने कहा कि भाजपा पार्षदों के वोटिंग से दूर रहने के कारण शिवसेना (शिंदे गुट) के उम्मीदवार को हार का सामना करना पड़ा और इसका सीधा फायदा सेक्युलर फ्रंट को मिला।
दरअसल, भाजपा नेता संतोष शेट्टी ने इस मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा था कि “हमारे पास वोट मांगने कोई नहीं आया था।” इसी बयान पर पलटवार करते हुए मनोज काटेकर ने कहा कि वह स्वयं वरिष्ठ नेता मदनबुवा नाइक के साथ लगातार तीन दिनों तक भाजपा नेता संतोष शेट्टी और विधायक Mahesh Choughule से मुलाकात कर रहे थे।
काटेकर के मुताबिक, स्थायी समिति में शिवसेना (शिंदे गुट) के पांच और भाजपा के चार सदस्य हैं। उन्होंने भाजपा से शिवसेना उम्मीदवार को समर्थन देने का आग्रह किया था। साथ ही यह भी प्रस्ताव दिया था कि यदि भाजपा को यह स्वीकार नहीं है, तो शिवसेना भाजपा उम्मीदवार को समर्थन देने के लिए तैयार है।
उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा ने दोनों ही प्रस्ताव ठुकरा दिए, जिससे यह स्पष्ट हो गया कि पार्टी भिवंडी में सेक्युलर फ्रंट के हित में काम कर रही है। इस बयान के बाद शहर की राजनीतिक हलचल और तेज हो गई है।

