पहले प्लास्टिक पकड़ो… फिर वही बेच दो ?

भिवंडी

छोटे व्यापारियों के साथ दिन में हो रही डकैती —– परमेश्वर अंभोरे

भिवंडी में प्रतिबंधित प्लास्टिक का सबसे बड़ा खेला !
जब्त माल गायब, रिकॉर्ड गायब, जवाब भी गायब।

भिवंडी। शहर में प्रतिबंधित सिंगल यूज़ प्लास्टिक के खिलाफ चलाए गए अभियान पर अब बड़े सवाल खड़े हो गए हैं। करोड़ों रुपये के संभावित खेल की आशंका के बीच सबसे बड़ा सवाल यह है कि तीन वर्षों में जब्त की गई भारी मात्रा में प्रतिबंधित प्लास्टिक आखिर गई कहां ? भिवंडी मनपा के आरोग्य एवं स्वच्छता विभाग ने प्रतिबंधित प्लास्टिक पर कार्रवाई का ठेका मे. रेयान एंटरप्राइज़ को दिया था। पांचों प्रभाग समितियों में लगभग 25 कर्मचारियों की टीम लगातार कार्रवाई करती रही, व्यापारियों से दंड वसूलने और प्लास्टिक जब्त करने के दावे किए जाते रहे। लेकिन अब जब हिसाब मांगा जा रहा है, तो न जब्त प्लास्टिक का स्पष्ट रिकॉर्ड मिल रहा है, न उसके निस्तारण का प्रमाण। सूत्रों का दावा है कि डंपिंग ग्राउंड तक भी जब्त प्लास्टिक पहुंचने का कोई ठोस रिकॉर्ड सामने नहीं आया। ऐसे में शहर में चर्चा तेज है कि क्या जब्त प्लास्टिक का दोबारा अवैध कारोबार हुआ ? हालांकि इस दावे की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है और इसकी जांच होना आवश्यक है।

सबसे चौंकाने वाली बात यह रही कि आरोग्य उपायुक्त विक्रम दराडे ने स्वीकार किया कि उनके पास फिलहाल जब्त प्लास्टिक की पूरी जानकारी उपलब्ध नहीं है। उन्होंने कहा कि संबंधित अधिकारियों से जानकारी लेकर जवाब देंगे। वहीं विभाग प्रमुख से संपर्क का प्रयास किया गया, लेकिन उन्होंने फोन तक नहीं उठाया। अब सवालों की लंबी फेहरिस्त है—यदि लाखों किलो प्लास्टिक जब्त हुई तो उसका स्टॉक कहां है ? निस्तारण कब और किसके आदेश पर हुआ ? यदि नहीं हुआ, तो माल कहां गायब हुआ ? व्यापारियों से वसूला गया दंड कितना था और नगर निगम के खजाने में कितना जमा हुआ ? और यदि कार्रवाई से अपेक्षित आय नहीं हुई, तो ठेकेदार तीन वर्षों तक 25 कर्मचारियों का खर्च आखिर किस आधार पर उठाता रहा ? जागरूक व समाजसेवी परमेश्वर अंभोरे के इन सवालों ने पूरे अभियान की पारदर्शिता पर गंभीर प्रश्नचिह्न लगा दिया है। उन्होंने कहा की जल्द ही इसका जवाब नहीं मिला तो इस भष्ट्राचार व शहर में छोटे व्यापारियों के साथ दिन में हो रही डकैती के खिलाफ आन्दोलन किया जायेगा। अब शहर की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि जांच केवल कागजों तक सीमित रहेगी या जब्त प्लास्टिक के कथित गायब होने के पूरे खेल से पर्दा भी उठेगा।

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